अंबेडकर रैली हिंसा को बसपा नेत्री ने बताया सुनियोजित साजिश! अमिलिया हिंसा पर उठे कई सवाल
Wednesday, Apr 15, 2026-06:10 PM (IST)
सीधी (सूरज शुक्ला) : मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर निकली रैली के दौरान हुई हिंसा अब कई सवाल खड़े कर रही है। घटना के बाद जहां प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, वहीं राजनीतिक प्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों के अलग-अलग दावों ने पूरे मामले को जटिल बना दिया है। बहुजन समाज पार्टी की सिहावल विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी रानी वर्मा ने इस घटना को सुनियोजित साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि रैली को रोकने के लिए पहले से ही तैयारी की गई थी और कुछ लोग लाठी-डंडों तथा पत्थरों के साथ मौके पर मौजूद थे।

रानी वर्मा के अनुसार,अंबेडकर जयंती के अवसर पर निकाली जा रही बाइक रैली शांतिपूर्वक आगे बढ़ रही थी। जब रैली अमिलिया राइस मिल के पास पहुंची, तब वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने रास्ता रोकने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान रैली में शामिल महिलाओं के साथ अभद्रता की गई और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और गाली-गलौज शुरू हो गई।
रानी वर्मा का कहना है कि सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचीं और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें भी अपशब्द कहे गए और धमकी दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ युवकों ने उनका पीछा किया, जिससे उन्हें भागना पड़ा और इस दौरान उनके पैर में चोट आई। हालांकि उन्होंने थाना प्रभारी की भूमिका को सकारात्मक बताते हुए कहा कि पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और रैली को वैकल्पिक मार्ग से निकालने का सुझाव दिया।

दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों का कहना है कि विवाद अचानक भड़क गया। घटनास्थल के पास रहने वाले एक व्यक्ति के अनुसार, एक बोलेरो वाहन के पास कुछ युवकों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट और पत्थरबाजी में बदल गई। उनका कहना है कि स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि किसी को समझने का मौका नहीं मिला और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।
घटना में प्रभावित एक परिवार ने आरोप लगाया कि हिंसक भीड़ ने उनके घर को भी निशाना बनाया। पीड़ित परिवार के एक सदस्य के अनुसार, वे घर के अंदर थे तभी अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। जब उन्होंने बाहर निकलकर स्थिति जानने की कोशिश की तो देखा कि कुछ लोगों को घेरकर पीटा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ ने उनके घर पर पत्थर फेंके और अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे परिवार के कई सदस्य घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क किनारे खड़ी बोलेरो को लेकर शुरू हुआ विवाद ही हिंसा की मुख्य वजह बना। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। भीड़ ने दो युवकों के साथ मारपीट की और वाहन में तोड़फोड़ की। दोनों युवक जान बचाने के लिए एक घर में घुसे, लेकिन भीड़ वहां भी पहुंच गई और हमला जारी रखा।

घटना के बाद मामला थाने तक पहुंच गया, जहां एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, थाना परिसर में भीड़ ने पथराव किया और वहां खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। कुछ पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की खबर सामने आई है।
प्रशासन ने इस घटना में 14 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय स्तर पर इससे अधिक लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है।जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

