MP कांग्रेस में बगावत के सुर! कांग्रेस विधायक ने दिए पार्टी छोड़ने के संकेत, जीतू पटवारी से कही ये बात
Friday, Jul 17, 2026-04:58 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। इस बार आगर मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा से कांग्रेस विधायक भेरूसिंह परिहार 'बापू' ने अपनी ही पार्टी के संगठन और नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी छोड़ने तक की बात कह डाली।
दरअसल, मामला नलखेड़ा में आयोजित कांग्रेस की एक संगठनात्मक बैठक का है। विधायक भेरूसिंह परिहार का आरोप है कि उनकी ही विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक और नगर कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई, लेकिन उन्हें इसकी कोई सूचना तक नहीं दी गई। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के पोस्टर और प्रचार सामग्री से भी उनका नाम और तस्वीर गायब रखी गई।
विधायक ने दावा किया कि जब उन्हें बैठक की जानकारी मिली तो उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह से फोन पर भोजन और स्वागत व्यवस्था की बात की। लेकिन उन्हें जवाब मिला कि "विधायक से बात नहीं करना है।" परिहार ने इसे एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए कहा कि यदि संगठन अपने ही विधायक को नजरअंदाज करेगा तो पार्टी कैसे मजबूत होगी।भेरूसिंह परिहार ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ काम करने वाले लोगों को संगठन में महत्व दिया जा रहा है, जबकि पार्टी के निर्वाचित विधायक को ही अलग-थलग किया जा रहा है। उनके मुताबिक इससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी उन्होंने नसीहत दी। परिहार ने कहा कि केवल प्रदेशभर के दौरे करने से सरकार नहीं बनेगी। पहले पार्टी के भीतर की गुटबाजी और कलह खत्म करनी होगी। उनका कहना था कि यदि संगठन की स्थिति नहीं सुधरी तो कांग्रेस 2028 में भी सत्ता से दूर रह सकती है। विधायक ने सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा से नाराज होकर कांग्रेस की ओर उम्मीद से देख रही है, लेकिन भोपाल में बैठे कुछ कांग्रेस नेता ही पार्टी की सरकार नहीं बनने देना चाहते। उन्होंने यह तक सवाल उठाया कि क्या कुछ नेता भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
अपने बयान के अंत में भेरूसिंह परिहार ने साफ संकेत दिए कि यदि हालात नहीं बदले तो वे अपने समर्थक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे और जरूरत पड़ी तो पार्टी छोड़ने पर भी विचार करेंगे। भेरूसिंह परिहार के इस बयान ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस खुली नाराजगी पर क्या रुख अपनाता है और क्या संगठन में बढ़ती खाई को पाटने की कोशिश की जाती है।

