11वीं की हिंदू नाबालिग छात्रा से थार में रेप! दोस्त ने बनाया वीडियो फिर अलग अलग कारों में लेजाकर 4 बार की दरिदंगी

Friday, Feb 13, 2026-04:49 PM (IST)

भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक 11वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के बेहद सनसनीखेज मामले में आरोपी के खुलासों ने जांच को नई दिशा दे दी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

क्या है पूरा मामला

जिले के खानूगांव में एक युवक ने एक अन्य युवक की मदद से थार में बंधक बनाकर 11वीं कक्षा की नाबालिग हिंदू छात्रा से रेप की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ाई। आरोपी मोहम्मद माज खान और उसके मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान को गिरफ्तार किया है। रेप केस का मामले ने तब और तूल पकड़ ली जब आरोपी मोहम्मद माज खान के कई चौकाने वाले खुलासे किए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ पॉस्को, धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और पूरे मामले को समझने के लिए पुलिस आरोपी मोहम्मद माज खान को घटना स्थल लेकर पहुंची। आरोपी ने कबूल किया कि घटना के दिन दोनों एक साथ थे। माज ने भी पीड़िता को अश्लील मैसेज किए और छेड़छाड़ की, इस बात की पुष्टि भी पुलिस की जांच में हो गई है।

वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कबूल किया है कि उसने घटना के दौरान बाहर खड़े रहकर चोरी-छिपे वीडियो बनाया और बाद में उसे शेयर किया। आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता से पैसों की मांग की गई। पुलिस ने बताया कि छात्रा से 40 हजार रुपये वसूलने की बात भी सामने आई है। हालांकि कुछ आरोपों से आरोपी ने इनकार किया है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच जारी है। हालांकि आरोपी का दावा है कि जिस आईफोन में वीडियो शूट किया गया उसने उसे तोड़कर राजस्थान के एक जंगल में फेंक दिया है।

थार समेत कई वाहन जब्त

पुलिस ने उस थार वाहन को बरामद कर लिया है, जिसमें पहली बार घटना होने का आरोप है। यह वाहन सीहोर जिले के एक गांव में छिपाकर रखा गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि अलग-अलग समय पर अलग-अलग वाहनों में छात्रा का रेप किया गया। पुलिस अब सभी वाहनों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है।

कोहेफिजा थाने की कार्रवाई और सस्पेंशन

मामले में लापरवाही और गोपनीय जानकारी लीक होने के आरोप में कोहेफिजा थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को निलंबित किया गया है। आरोप है कि प्रधान आरक्षक ने विभाग की गोपनीय सूचना लीक कीं, जिससे माज की गिरफ्तारी में विलंब हुआ। इस काम के लिए ज्ञानेंद्र को 50 हजार रुपए दिए गए थे। इस बात की पुष्टि माज ने पुलिस की पूछताछ में की है। फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी स्तर पर मिलीभगत या देरी साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

POCSO, आईटी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराएं

मामले में POCSO Act, आईटी एक्ट और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज है। पुलिस के अनुसार, मोबाइल लोकेशन और सीडीआर से यह स्पष्ट हुआ है कि घटना के समय दोनों आरोपी एक ही स्थान पर मौजूद थे। एक चाकू भी जब्त किया गया है, जिसके बाद आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं।

आर्थिक जांच भी दायरे में

पुलिस अब आरोपियों की आर्थिक पृष्ठभूमि और संपत्ति की भी जांच कर रही है। कम समय में संपत्ति अर्जित करने के स्रोतों की पड़ताल की जाएगी। SIT तकनीकी साक्ष्य, डिजिटल डेटा रिकवरी और अन्य संभावित पीड़िताओं के बयान के आधार पर केस को मजबूत करने में जुटी है। फिलहाल मुख्य आरोपी न्यायिक हिरासत में है, जबकि दूसरे आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित तरीके से आगे बढ़ेगी।


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meena

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