MP में दो साधुओं को ‘धर्म’ पूछकर जमकर पीटा, बाल पकड़कर घसीटा, ‘हिंदू’ होने का सबूत भी मांगा,

Monday, Feb 02, 2026-07:22 PM (IST)

भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले से मानवता और धार्मिक सौहार्द को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। शहर के बाईपास क्षेत्र में निरंजन वाटिका के पास भिक्षा मांग रहे दो साधुओं के साथ कुछ युवकों ने सरेआम मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस हरकत में आ गई है।

जानकारी के मुताबिक, दोनों साधु बाईपास क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने साधुओं की धार्मिक पहचान पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनसे ब्राह्मण होने का प्रमाण मांगा गया, फिर महाभारत के पात्रों के नाम, रामायण की चौपाइयों और भगवान शंकर व लक्ष्मण की पत्नियों के नाम पूछे गए। साधु सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिससे युवक भड़क गया। इसके बाद युवक ने साधुओं को “हिंदू नहीं” बताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते मारपीट पर उतर आया। वायरल वीडियो में एक युवक साधु के बाल पकड़कर खींचता हुआ साफ नजर आ रहा है। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, किसी ने बीच-बचाव नहीं किया।

वीडियो में आरोपी युवक यह दावा करते हुए भी दिख रहा है कि साधुओं के पास मौजूद दस्तावेज उर्दू भाषा में लिखे हुए थे। युवक सवाल उठाता है कि अगर साधु हिंदू हैं और भगवा वस्त्र धारण किए हुए हैं, तो उनके पास उर्दू में दस्तावेज क्यों हैं। इतना ही नहीं, युवक साधुओं के बैग में कथित तौर पर “आपत्तिजनक सामग्री” मिलने का आरोप लगाते हुए भगवा पहनकर ढोंग करने की बात कहता नजर आता है। युवक ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताते हुए तीखे और आपत्तिजनक बयान दिए, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। घटना के बाद साधु डरे-सहमे दिखाई दिए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि साधुओं ने थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है या नहीं। हालांकि पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। धार्मिक पहचान के नाम पर पूछताछ करना और मारपीट करना गंभीर अपराध है। वीडियो फुटेज जब्त कर लिया गया है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने की अपील की है। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Vikas Tiwari

Related News