17 करोड़ की सड़क बर्बाद, जिम्मेदार मौन? मंत्री के पीए तक पहुंचा मामला, फिर भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी फोरलेन रोड

Tuesday, Feb 10, 2026-03:47 PM (IST)

रतलाम (समीर खान): देश की राजनीति में जहां एक ओर ऐतिहासिक फैसलों और विचारधाराओं को लेकर बहस जारी रहती है, वहीं जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा मामला फोरलेन सड़क निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण से जुड़ा है, जिसे लेकर संबंधित मंत्री के पीए को पहले ही अवगत कराया गया था।

PunjabKesari, Four Lane Road, Corruption Allegations, Substandard Construction, Infrastructure Scam, Minister PA, Manilal Jain, Road Construction, Government Negligence, Contractor Irregularities, Public Safety

सूत्रों के अनुसार, फोरलेन सड़क निर्माण में घटिया सामग्री और मानकों की अनदेखी की शिकायतें सामने आने के बाद मंत्री काश्यप के पीए मणीलाल जैन को पूरे मामले की जानकारी दी गई थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। बताया गया कि इस पर मणीलाल जैन ने ठेकेदार और अधिकारियों को समझाइश देने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद भी किसी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि सड़क का निर्माण पूरी तरह घटिया स्तर का साबित हुआ।

PunjabKesari, Four Lane Road, Corruption Allegations, Substandard Construction, Infrastructure Scam, Minister PA, Manilal Jain, Road Construction, Government Negligence, Contractor Irregularities, Public Safety

स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क कई जगहों से क्रैक हो चुकी है और कुछ हिस्सों में उखड़ने लगी है। निर्माण पूरा हुए ज्यादा समय भी नहीं बीता, इसके बावजूद सड़क की हालत खराब होना सरकारी तंत्र और निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 

PunjabKesari, Four Lane Road, Corruption Allegations, Substandard Construction, Infrastructure Scam, Minister PA, Manilal Jain, Road Construction, Government Negligence, Contractor Irregularities, Public Safety

ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि इस सड़क से रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है, ऐसे में सड़क का इस तरह से क्षतिग्रस्त होना हादसों को न्योता दे सकता है। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि यदि शिकायतों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया जाए, तो उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है और विकास कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Vikas Tiwari

Related News