44 दिन जेल कोठरी में बिताने के बाद घोटालेबाज निलंबित महिला तहसीलदार को जमानत,अब खुली हवा में ले सकेगी सांस
Saturday, May 09, 2026-07:19 PM (IST)
(श्योपुर): करीब ढ़ाई करोड़ रुपये के घोटाला में जेल की सलाखों की पीछे पहुंची निलंबित तहसीलदार को जमानत मिल गई है। सस्पेंड हो चुकी महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को आखिर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अमिता सिंह तोमर पिछले करीब 44 दिनो से जेल में अंदर थीं। लेकिन जमानत मिलने के साथ ही उन्हें जेल की दीवारों से बाहर आने का मौका मिल गया है। काफी दिनों से जेल के अंदर बंद अमिता तोमर अब खुली हवा में सांस ले सकेगी।
हाईकोर्ट ने दी अमिता सिंह तोमर को दी राहत
आपको बता दें कि प्रदेश में तहलका मचाने वाले बाढ़ राहत घोटाले में तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को हाइकोर्ट की खंडपीठ ग्वालियर से जमानत मिल गई है । 44 दिन बाद हाइकोर्ट ने अमिता सिंह को सशर्त जमानत दी है। अब अमिता तोमर 44 दिनों बाद बाहर समय व्यतीत कर सकेंगी।
26 मार्च को किया गया था महिला तहसीलदार को गिरफ्तार
आपको बता दें कि बाढ़ राहत घोटाले में निलंबित तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को मार्च महीने की 26 तारीख को गिरफ्तार किया गया था। तब से वो शिवपुरी महिला जेल में कैद थीं। हालांकि 6 अप्रैल को प्रथम अपर सत्र न्यायालय श्योपुर में अमिता तोमर की जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्होंने हाइकोर्ट में जमानत याचिका लगाई, अब जमानत मिली है ।
बाढ़ राहत राशि वितरित करने में किया था घोटाला
श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील की तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने साल 2021 में आई बाढ़ राहत राशि को वितरित करने में घोटाला किया था। तहसीलदार रहते उन्होंने दो दर्जन पटवारियों के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया था।

