Punjab Kesari MP ads

सरकारी बंगला खाली करो! MP में 3 पूर्व मंत्रियों को अंतिम चेतावनी, समयसीमा के बाद होगी बड़ी कार्रवाई

Thursday, Sep 10, 2026-12:41 PM (IST)

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी बंगलों के आवंटन को लेकर संपदा विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। मंत्री पद से हटने के बाद भी सरकारी आवासों में रह रहे तीन पूर्व मंत्रियों को बंगला खाली करने के लिए अंतिम चेतावनी जारी की गई है। गृह एवं संपदा विभाग की ओर से जारी नोटिस के बाद अब इन आवासों को खाली कराने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है।मामला राजधानी के बी-टाइप सरकारी बंगलों से जुड़ा है। ये आवास सामान्य तौर पर मंत्रियों और सरकार में निर्धारित महत्वपूर्ण पदों पर रहने वाले लोगों को आवंटित किए जाते हैं। संबंधित नेताओं के मंत्री पद पर नहीं रहने के बाद नियमों के तहत उनके आवासों का आवंटन पहले ही समाप्त किया जा चुका था। इसके बावजूद बंगले खाली नहीं किए जाने पर विभाग ने अब औपचारिक बेदखली प्रक्रिया की ओर कदम बढ़ाया है।

तीन पूर्व मंत्रियों को नोटिस

संपदा विभाग की कार्रवाई जिन पूर्व मंत्रियों के सरकारी आवासों को लेकर हुई है, उनमें प्रभुराम चौधरी, मीना सिंह और अरविंद भदौरिया शामिल हैं। प्रभुराम चौधरी और मीना सिंह वर्तमान में बीजेपी के विधायक हैं, जबकि अरविंद भदौरिया विधानसभा चुनाव में हार के बाद पूर्व विधायक हैं।

मंत्री पद की जिम्मेदारी खत्म होने के साथ ही इन नेताओं के सरकारी बंगलों का आवंटन नियमों के अनुसार रद्द कर दिया गया था। हालांकि आवास खाली नहीं होने के कारण मामला आगे बढ़ा और अब विभाग ने नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित अवधि में बंगला खाली करना होगा।

अब खाली नहीं किया तो होगी बेदखली

संपदा विभाग की ओर से जारी नोटिस के बाद संबंधित पूर्व मंत्रियों के सामने अब सरकारी आवास खाली करने की स्थिति बन गई है। विभाग ने संकेत दिया है कि नोटिस में दी गई समय-सीमा के भीतर यदि आवास खाली नहीं किए गए तो नियमानुसार आगे की बेदखली कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, राजधानी में सरकारी आवास सीमित संख्या में उपलब्ध हैं और नए मंत्रियों तथा पात्र जनप्रतिनिधियों को आवास आवंटित करने के लिए पुराने आवंटनों को समय पर समाप्त करना जरूरी होता है। इसी प्रक्रिया के तहत संपदा विभाग अब ऐसे आवासों को खाली कराने में जुटा है, जिनका आवंटन संबंधित पद खत्म होने के बाद निरस्त किया जा चुका है।

तीन पूर्व मंत्रियों को भेजे गए नोटिस के बाद भोपाल के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में सरकारी बंगलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि नोटिस की अवधि समाप्त होने से पहले संबंधित पूर्व मंत्री आवास खाली करते हैं या फिर मामला अगली प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News