MP में फिर बदला मौसम, 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; आंधी-गरज के साथ बरसेंगे बादल
Monday, Sep 14, 2026-12:12 PM (IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। रविवार को कई हिस्सों में हुई बारिश के बाद सोमवार, 14 सितंबर को भी प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम खराब रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने श्योपुर, गुना, राजगढ़, उज्जैन, रतलाम, नीमच और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में करीब 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए प्रदेशभर में मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिणी छत्तीसगढ़ के सिस्टम से बदला मौसम
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर बढ़ने के पीछे दक्षिणी छत्तीसगढ़ और आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली को अहम वजह माना जा रहा है। यहां बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इसके अलावा मानसून की ट्रफ लाइन भी मध्य प्रदेश के मध्य हिस्से के आसपास बनी हुई है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ा है और बादलों की सक्रियता बनी हुई है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में भी कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
भारी बारिश के बीच कई जगह बिगड़े हालात
रविवार को हुई तेज बारिश का असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दिया। राजधानी भोपाल में बारिश के बाद कलियासोत डैम के 11 गेट में से 3 गेट रात करीब 8 बजे खोले गए। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं बड़वानी में बारिश के कारण रलावती तालाब ओवरफ्लो हो गया। टीकमगढ़ में भी पानी की आवक बढ़ने के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोलने पड़े। इन घटनाओं से साफ है कि लगातार बारिश के कारण नदी, तालाब और बांधों के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो रहा है।
बिजली और तेज हवा के दौरान रहें सावधान
मौसम विभाग ने बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है। खुले मैदान, पेड़ के नीचे, टिन शेड या कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से लंबी यात्रा करने से बचना बेहतर रहेगा। खासकर उन इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है, जहां पहले से जलभराव या नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। सितंबर के अंतिम हिस्से तक मानसून की वापसी की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बदलता रहने की उम्मीद है।

