ओरछा में BJP का महामंथन! 350 दिग्गज जुटे, मोहन यादव-शिवराज-सिंधिया की मौजूदगी में बनेगी बड़ी रणनीति
Sunday, Aug 30, 2026-05:06 PM (IST)
निवाड़ी। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी ओरछा इन दिनों सियासी गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन गई है। भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रविवार, 30 अगस्त से शुरू हो गई है। बैठक में मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और संगठन के पदाधिकारी जुट रहे हैं। करीब 350 से अधिक नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
राम राजा सरकार की नगरी में आयोजित इस बैठक को महज संगठनात्मक बैठक नहीं, बल्कि भाजपा की आगामी राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। बैठक में पार्टी के संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आगामी चुनावों की रणनीति, राजनीतिक गतिविधियों और संगठन की कार्ययोजना पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है।
CM मोहन यादव से लेकर शिवराज-सिंधिया तक दिग्गजों की मौजूदगी
ओरछा में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत भाजपा के कई बड़े नेता शामिल हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश संगठन के पदाधिकारी, मंत्री, विधायक और पार्टी के प्रमुख नेता भी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।
बैठक के दौरान पार्टी नेतृत्व आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दिशा-निर्देश दे सकता है। साथ ही जमीनी स्तर पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों के लिए तैयार करने पर भी फोकस रहने की संभावना है।
दो दिन चलेगा भाजपा का महामंथन
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक दो दिनों तक चलेगी। इस दौरान भाजपा की आगामी संगठनात्मक रणनीति, राजनीतिक कार्यक्रम, सरकार की योजनाओं की पहुंच और चुनावी तैयारियों जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
14 साल बाद फिर ओरछा पर भाजपा का भरोसा
खास बात यह है कि भाजपा ने करीब 14 साल बाद एक बार फिर प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के लिए ओरछा को चुना है। इससे पहले वर्ष 2012 में भी भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ओरछा में आयोजित हुई थी, उस समय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान थे।
ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक आस्था के लिए देशभर में पहचान रखने वाली ओरछा में एक बार फिर भाजपा के शीर्ष प्रदेश नेतृत्व का जुटना राजनीतिक रूप से खास माना जा रहा है। ऐसे में अगले दो दिनों तक होने वाला यह महामंथन भाजपा की आगामी राजनीतिक दिशा और चुनावी तैयारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण
माना जा रहा है।

