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सिंधिया के पूरे दौरे से गायब रहे BJP के दिग्गज विधायक, क्या भाजपा में चल रही है अंदरूनी कलह?

Monday, Jun 29, 2026-04:31 PM (IST)

गुना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चार दिवसीय गुना प्रवास के दौरान भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य की लगातार अनुपस्थिति ने जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सिंधिया के स्वागत के लिए सर्किट हाउस पहुंचने के बाद विधायक किसी भी सरकारी या संगठनात्मक कार्यक्रम में नजर नहीं आए। यहां तक कि कलेक्ट्रेट में आयोजित दिशा समिति की अहम समीक्षा बैठक में भी उनकी गैरहाजिरी ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींच लिया।

इस घटनाक्रम को हाल ही में विधायक द्वारा सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर दिए गए तीखे बयानों से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ दिन पहले पन्नालाल शाक्य ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के कामकाज और कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया था। उन्होंने यह तक कहा था कि यदि कोई मंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा तो वह उसे मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करेंगे।

यही नहीं, विधायक ने गुना के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। उनका आरोप था कि उन्हें केंद्रीय मंत्री सिंधिया के कार्यक्रमों में उचित सम्मान नहीं मिलता और कई बार जानबूझकर उनसे दूरी बनाई जाती है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह जनता के वोट से विधायक बने हैं, किसी व्यक्ति की कृपा से नहीं।

इन बयानों के बाद भाजपा संगठन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक को भोपाल बुलाकर उनका पक्ष सुना था। संगठन से मुलाकात के बाद शाक्य ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि भाजपा उनके लिए सर्वोपरि है और पार्टी में किसी तरह का मतभेद नहीं है। इसके बावजूद सिंधिया के पूरे दौरे के दौरान उनकी अनुपस्थिति ने अंदरूनी खींचतान की चर्चाओं को फिर हवा दे दी।

दिशा समिति की बैठक में जहां कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल मौजूद रहे, वहीं सत्ताधारी दल के स्थानीय विधायक का न पहुंचना पूरे दिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा।

जब मीडिया ने कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की वजह पूछी तो विधायक ने अलग-अलग कारण बताए। एक ओर उन्होंने पार्टी के कार्य से भोपाल में होने की बात कही, जबकि दूसरी ओर पारिवारिक शोक और रिश्तेदार की खराब तबीयत का हवाला दिया। हालांकि, इसी दौरान उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर गुना स्थित कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में शामिल होने की तस्वीरें सामने आने के बाद उनके दावों पर सवाल उठने लगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि घटनाक्रम केवल एक कार्यक्रम में अनुपस्थिति का मामला नहीं है, बल्कि भाजपा के भीतर स्थानीय स्तर पर चल रहे समीकरणों और असहज रिश्तों की ओर भी संकेत करता है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन गुना की राजनीति में यह मुद्दा लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है।


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Content Editor

Himansh sharma

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