बेटे के लिए IPS अफसर को धमकी! BJP विधायक प्रीतम लोधी बोले- 10 हजार लोग लाकर बंगला गोबर से भरवा दूंगा
Monday, Apr 20, 2026-06:24 PM (IST)
शिवपुरी (भूपेंद्र शर्मा): मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की राजनीति में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले करेरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को खुले मंच से चुनौती देने वाला वीडियो वायरल हुआ, और अब एक दूसरा वीडियो सामने आया है, जिसने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल और बढ़ा दी है।नए वायरल वीडियो में पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी कथित तौर पर करेरा एसडीओपी को सीधे धमकी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वे कहते सुनाई दे रहे हैं..“मुझे स्पष्टीकरण दीजिए कि दिल्ली से आदेश कौन दे रहा है। अगर जवाब नहीं आया तो मैं 10 हजार आदमी लेकर आऊंगा और करेरा एसडीएम के बंगले को गोबर से भरवा दूंगा।”
इस बयान के सामने आने के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया है। विपक्ष ने इसे सत्ता के नशे में चूर जनप्रतिनिधि की भाषा बताते हुए भाजपा पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भी इस बयान को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। दरअसल पूरा विवाद विधायक के छोटे बेटे दिनेश लोधी से जुड़ा है। 16 अप्रैल को दिनेश लोधी अपनी थार गाड़ी चला रहे थे, तभी कथित रूप से वाहन ने 5 लोगों को टक्कर मार दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। घटना के बाद विधायक प्रीतम लोधी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था कि उनके लिए परिवार से पहले जनता सर्वोपरि है और यदि बेटा दोषी है तो कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन दो दिन बाद जब दिनेश की करेरा एसडीओपी कार्यालय में पेशी हुई, तो पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पेशी के दौरान एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ ने दिनेश लोधी को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि अब करेरा में दिखाई मत देना। बताया जा रहा है कि इसी बात से विधायक प्रीतम लोधी नाराज हो गए।इसके बाद पहले वायरल वीडियो में विधायक ने कहा था—“करेरा तुम्हारे बाप का नहीं है… मेरा बेटा दिनेश करेरा भी जाएगा और वहीं से चुनाव भी लड़ेगा।” इस बयान ने पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया था, वहीं अब दूसरे वीडियो में 10 हजार लोगों के साथ बंगला घेरने और गोबर से भरवाने की धमकी ने विवाद को और गंभीर बना दिया है। विधायक ने यह भी कहा कि उनके बेटे से एक मामूली एक्सीडेंट हुआ था, लेकिन उसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया। उनका आरोप है कि पुलिस इस मामले में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है और राजनीतिक रूप से उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।
मेरा बेटा चुनाव लड़ेगा” और “10 हजार आदमी लेकर आऊंगा” जैसे बयानों ने क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय नेताओं के बीच भी इस बयान के कई राजनीतिक संकेत निकाले जा रहे हैं।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा नेतृत्व इस पर क्या रुख अपनाता है और क्या यह विवाद सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहेगा या आगे कोई बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी।

