कांग्रेस नेता ने विजयवर्गीय को याद दिलाया इतिहास,कहा-22 साल से CM न बन पाने की कुंठा समझते हैं,आपकी 4-4 BJP मुख्यमंत्रियों से नहीं बनी
Friday, Jun 05, 2026-10:15 PM (IST)
(डेस्क): कांग्रेस नेता सुवेग राठी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर बड़ा हमला बोला है और उनको इतिहास से लेकर वर्तमान याद दिला दिया है। दरअसल पूर्व स्टेट जनरल सेक्रेटरी सुवेग राठी ने मध्यप्रदेश से घोषित हुई कांग्रेस राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन पर कैलाश के दिए बयान पर हल्ला बोला है।
जेन ज़ी के दौर में दादा कोंडके के जमाने की राजनीतिक शगूफ़ेबाज़ी शोभा नहीं देती-राठी
राठी ने कहा कि जेन ज़ी के दौर में दादा कोंडके के जमाने की राजनीतिक शगूफ़ेबाज़ी आपको शोभा नहीं देती। आपके राजनीतिक आदर्श “सरदार पटेल” ने आज़ादी के बाद देश को एक सूत्र में पिरोने का अभूतपूर्व कार्य किया व आप सबको साध कर चलने की रणनीति पर अमल करने वाले अपने आदर्श महापुरुष के सिद्धांतों के ठीक उलट अलोकतांत्रिक, तोड़फोड़ और सेंधमारी के ख़याली पुलाव पका रहे है।
बीजेपी के चार-चार मुख्यमंत्रियों से आपकी नहीं बनी-राठी
कहीं यह पिछले 22 सालों से चली आ रही आपकी राजनीतिक मात का फ्रस्ट्रेशन (कुंठा) तो नहीं! क्योंकी जहाँ तक मुझे याद है, आपकी अपनी पार्टी भाजपा के चार मुख्यमंत्रियों से ऊमा भारती, बाबूलाल ग़ौर ,शिवराज चौहान औऱ मोहन यादव जी के साथ कड़वाहट की चर्चा आमजनों में है। प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ अन-बन की छटपटाहट में कद्दावर कैबिनेट मंत्री होकर भी लाचार और बेबस नज़र आते हैं।
आप जब भी प्रदेश में सत्ता हो या संगठन या फिर लोकसभा हो या राज्यसभा प्रादेशिक मीडिया में आपका नाम प्रायोजित तरीक़े से हवा में तैरता रहता है। ग़नीमत है, कि मेयर चुनाव में आपका नाम की दावेदारी दोबारा सुनायी नहीं दी, बाकी तो भाजपा के सत्ता और संगठन में किसी भी शीर्ष पद के लिए रिक्त भर्ती पर आपके नाम का रुमाल मानो पड़ा ही रहता है।
20 साल में दिल्ली की पर्ची की हवा में आपका रुमाल हर बार उड़ता है- राठी
दुर्भाग्य से 20 साल में दिल्ली की पर्ची की हवा में आपका रुमाल हर बार उड़ जाता है। जैसे कल ही राज्यसभा उम्मीदवार के मसले में हुआ। पिछले 20 सालों में दादा कोंडके से लेकर जेन ज़ी तक की पीड़ी के समझ में आ गया है, कि आपकी पिचकारी में पानी होता नहीं है और आप चल लेते है होली खेलने। ऐसा कब तक कैलाश जी… अब थोड़ा सा याद दिलाओं, आपको तो याद ही होगा पर आपके सभी शुभचिंतकों के लिए उल्लेख जरूरी है।
उमा भारती जी के सबसे भरोसेमंद मंत्रियों में आपका नाम शुमार था और आपके तत्कालीन पीडब्ल्यूडी विभाग में आपके संज्ञान के बगैर ही सीएम हाउस से विभागीय स्थानातंरण की सूची जारी हो गई। वही से आपकी उमा जी से तौबा। फिर आये 15 महीने के लिए बाबूलाल जी, गौर साहब उन्होंने आपके तमाम सुकृत्यों पर जाँच बैठा दी। गौर साहब से भी मन ना मिला।
फिर आये शिवराज जी, पौराणिक गाथाओं के मुताबिक भगवान शिव तो सदेव ही कैलाश पर विराजित हुए हैं और आप चले उल्टी गंगा बहाने। आप मध्य प्रदेश के राजनीतिक अखाड़े में शिव-राज को हटाने की जद्दोजहद में थक हारकर दिल्ली की और रवाना हो गए। इसके बाद अब पिछले ढाई साल से डॉ.मोहन यादव जी के राज में अब आपके अपने शहर इंदौर में ही आपका राजनीतिक कद वर्ष 2003 की स्थिति से भी कमतर हो गया है। आपकी अपने चार-चार मुख्यमंत्रियों से तो पटरी कभी बैठी नहीं, मुख्यमंत्री बनने की हसरत है, पर वह कभी पूरी होती दिखायी नहीं देती!
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की दौड़ में भी हर बार आप फिसड्डी साबित हुए
तोमर जी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद ,राकेश सिंह, वीडी शर्मा और हेमंत खंडेलवाल जी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बन गए लेकिन हर बार की तरह इस दौड़ में भी आप फिसड्डी ही साबित हुए। कभी खंडवा, कभी इंदौर तो कभी मंदसौर से आपके लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा चल पड़ती है, तो कभी राज्यसभा की बात आए तो विजयवर्गीय जी भाई साहब जा रहे दिल्ली। भाजपा उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी होने के बाद दूसरे दिन सुबह उठकर देखों तो भाई साहब की गाड़ी खड़ी मिली नंदा नगर ९ नंबर गली, वही पुरानी गल्ली भाई साहब नहीं गए दिल्ली।
अब कैलाश जी भाई साहब 10 साल दिल्ली में गुजारने के बाद भी आपको नहीं सुहाई लुटियंस दिल्लीकी गल्ली, गाड़ी खड़ी है वही नंदा नगर ९ नंबर गली। तो भाई साहब जी आप बताओ कल घोषित रजनीश अग्रवाल और तरुण चुघ की आधिकारिक घोषणा के पहले मीडिया और चर्चाओं में आपका नाम था की नहीं था। 20 साल से चली आ रही परंपरा जारी है, इस बार भी दिल्ली से आयी पर्ची की हवा में आपके नाम का रुमाल उड़ गया और आप कह रहे की पार्टी कहेगी तो हम तीसरे सीट पर भी उम्मीदवार जितायेंगे। आप संसदीय कार्य मंत्री हो या सेंधमारी मंत्री हो!
भाई साहब माफ़ करना अपने वाले हो इसीलिए बोल रहा हूँ। अतिउत्साह में अपने आदर्श की राजनैतिक साख और लुटिया पूरी तरह मत डूबो देना। हर बार की तरह रिक्त सीट पर रखा हुआ “कैलाश विजयवर्गीय” नाम का रुमाल उड़ता ही रहेगा, आप तो जानते ही हो जेन ज़ी का दौर है पर आप मानते ही नहीं हो और आपको तो सब मालूम ही है कि में सब जानता हूँ और पब्लिक भी…
इस तरह से कांग्रेस नेता सुगेव राठी ने कैलाश विजयवर्गीय को लेकर हमला बोला है और पूरे इतिहास से लेकर वर्तमान याद दिया दिया है।

