दतिया उपचुनाव के लिए सजने लगी बिसात! BJP को टक्कर देने इस दिग्गज को मैदान में उतारने की तैयारी में कांग्रेस
Saturday, May 16, 2026-03:40 PM (IST)
दतिया : दतिया में उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस-भाजपा में मंथन जारी है, वहीं दूसरी ओर दतिया प्रशासन भी उपचुनाव की तैयारियों में जुट गया है। दरअसल, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से जिला कलेक्टर को पत्र भेजा गया था जिसके बाद दतिया प्रशासन ने राजनीतिक दलों को ईवीएम एवं वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए औपचारिक सूचना जारी कर दी गई है।
कांग्रेस-भाजपा में आर-पार की लड़ाई
इधर नोटिफिकेशन जारी होते ही राज्य के प्रमुख दलों ने दतिया उपचुनाव को लेकर तैयारियां अंदरखाते तेज कर दी है। खास बात यह कि अगर इस सीट पर उपचुनाव होता है तो यह न सिर्फ नेताओं की हार-जीत तय करेगा बल्कि इस पर राजनीतिक भविष्य भी जुड़ा हुआ है। वहीं कांग्रेस इसे अन्याय पर न्याय की लड़ाई से जोड़ कर देख रही। ऐसे में कांग्रेस पूरे जोश के साथ मैदान में उतरने के मूड में है। दतिया सीट पर जहां नरोत्तम मिश्रा के जरिए भाजपा वापसी की राह देख रही है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस जीती जिताई किसी भी हाल में खोना नहीं चाहेगी। वहीं दतिया से तीसरे दल असपा पार्टी प्रमुख दामोदर यादव ने भी मैदान में उतरने का ऐलान किया है। ऐसे में कहा जा सकता है कि इस सीट पर महासंग्राम देखने को मिल सकता है।
प्रशासन ने भी की तैयारियां शुरु
दतिया विधानसभा क्षेत्र के 291 मतदान केंद्रों के लिए EVM और VVPAT मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग यानी FLC प्रक्रिया 19 मई को होगी। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। एफएलसी के बाद प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था, स्ट्रांग रूम मॉनिटरिंग, वेबकास्टिंग और फ्रिस्किंग जैसे चुनावी प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देगा।
कांग्रेस इस नेता को उतार सकती है मैदान में
इधर राजनीतिक हलचल भी तेज हो चुकी है। सभी प्रमुख दल संभावित उपचुनाव को देखते हुए अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। नरोत्तम मिश्रा को टक्कर देने के लिए कांग्रेस अवधेश नायक को मैदान में उतार सकती है। अवधेश नायक दतिया एक दिग्गज नेता हैं, जो भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। उमा भारती के करीबी माने जाने वाले नायक ने 2023 में दतिया से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन बाद में पार्टी ने टिकट बदल दिया। वे भाजपा में रहते हुए राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त कर चुके थे और नरोत्तम मिश्रा के कड़े प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।
राजेंद्र भारती की विधायकी जाने से खाली हुई सीट
कांग्रेस विधायक Rajendra Bharti को बैंक धोखाधड़ी मामले में MP-MLA कोर्ट द्वारा तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने अयोग्य घोषित कर दिया था, जिससे सीट रिक्त हो गई। हालांकि, राजेंद्र भारती को लेकर मामला कोर्ट में अटका हुआ है। गौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता Narottam Mishra को हराया था। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि दतिया सीट पर यदि चुनावी बिगुल बजता है तो मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है। यह मुकाबला न सिर्फ चुनाव लड़ने वाले नेताओं का भविष्य तय करेगा, बल्कि मध्य प्रदेश के आने वाले समय की राजनीति भी तय करेगा।

