मतदान से पहले दतिया में बड़ी घेराबंदी! कांग्रेस का ऐसा प्लान जिसने बढ़ाई हलचल, तैनात किए दिग्गज नेता
Monday, Jul 27, 2026-01:04 PM (IST)
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में मतदान से पहले राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। इसी बीच कांग्रेस ने निष्पक्ष मतदान को लेकर विशेष रणनीति तैयार की है। पार्टी ने फैसला किया है कि मतदान वाले दिन विधानसभा की सभी प्रमुख सीमाओं पर अपने वरिष्ठ नेताओं की तैनाती की जाएगी, ताकि बाहरी गतिविधियों और किसी भी संभावित गड़बड़ी पर नजर रखी जा सके।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क रहेगी और किसी भी स्थिति में मतदान को प्रभावित नहीं होने देगी। उनका कहना है कि पार्टी का पूरा संगठन सीमा से लेकर मतदान केंद्रों तक सक्रिय रहेगा।
सीमाओं पर दिग्गज नेताओं की जिम्मेदारी
कांग्रेस की रणनीति के तहत अलग-अलग सीमाओं पर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डबरा सीमा पर स्वयं जीतू पटवारी मोर्चा संभालेंगे। उनके साथ सांसद अशोक सिंह, लाखन सिंह और जसवीर गुर्जर मौजूद रहेंगे। वहीं भांडेर सीमा की जिम्मेदारी डॉ. गोविंद सिंह और फूल सिंह बरैया को दी गई है। सेवढ़ा सीमा पर नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे सहित अन्य वरिष्ठ नेता तैनात रहेंगे, जबकि दिनारा सीमा पर जयवर्धन सिंह और केपी सिंह निगरानी करेंगे।
यूपी सीमा पर भी रहेगी नजर
कांग्रेस ने झांसी से लगने वाली सीमा पर भी विशेष निगरानी की योजना बनाई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का सहयोग लिया जाएगा, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में भी नजर रखी जा सके।
मतदान तक संगठन रहेगा अलर्ट
कांग्रेस का कहना है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को देखते हुए संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी ने मतदाताओं से भी निर्भीक होकर मतदान करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।
उधर, भाजपा भी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक चुकी है। रविवार को केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बसई में जनसभा को संबोधित किया, जबकि कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ नेता लगातार चुनावी अभियान में जुटे हुए हैं। ऐसे में दतिया उपचुनाव अब पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता नजर आ रहा है।

