सेवा सहकारी समिति खिलोराकला में अव्यवस्था से किसान परेशान, नगद लेनदेन प्रभावित

Wednesday, Feb 18, 2026-02:48 PM (IST)

धमधा (हेमंत पाल) : दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्र में सहकारी व्यवस्था की लापरवाही का असर सीधे किसानों पर पड़ता नजर आ रहा है। मामला सेवा सहकारी समिति खिलोराकला का है, जहां लंबे समय से स्थायी प्रबंधक नहीं होने के कारण किसानों को नगद लेनदेन सहित कई जरूरी कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, धान खरीदी के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर समिति के प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद अब तक किसी नए प्रबंधक को पदभार नहीं दिया गया है। ऐसे में समिति वर्तमान में बिना नियमित प्रबंधन के ही संचालित हो रही है, जिससे व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

पांच गांव के किसान समिति पर निर्भर

बताया जा रहा है कि समिति क्षेत्र के पांच गांवों के किसान इसी संस्था पर निर्भर हैं, जिनमें शामिल हैं – तुमाकला, खिलोराकला, खिलोराखुद, घसरा, गाडाघाट। इन गांवों के किसान खाद, बीज, ऋण और नगद लेनदेन जैसे कार्यों के लिए समिति पर आश्रित हैं।

नियम विरुद्ध अतिरिक्त कर्मचारियों को दिया गया प्रभार

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, नियमित प्रबंधक नहीं होने के कारण अतिरिक्त कर्मचारियों को लेनदेन का प्रभार दिया गया है, जो सहकारी नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं।

किसानों की परेशानी बढ़ी

किसानों का कहना है कि नगद लेनदेन और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में देरी हो रही है। कई किसानों को समय पर भुगतान या लेनदेन नहीं होने से आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही स्थायी प्रबंधक की नियुक्ति नहीं की गई, तो समिति की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावित हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

meena

Related News