गंदे पानी पर प्रदर्शन पड़ा भारी! कांग्रेस अध्यक्ष समेत 12 नेताओं पर FIR
Friday, Jun 19, 2026-10:15 AM (IST)
धार। शहर में गंदे और दूषित पानी की सप्लाई को लेकर जनता के आक्रोश ने गुरुवार को राजनीतिक रंग ले लिया। नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने जमकर विरोध जताया, लेकिन यह विरोध अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। कोतवाली पुलिस ने युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष रोहित कामदार समेत 12 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, शहर में लगातार गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया, वहीं अधिकारियों को चूड़ियां पहनाने की कोशिश भी की गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नगर पालिका शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है।
हालांकि, नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कार्यालय परिसर में घुसकर हंगामा किया, शासकीय कार्य में बाधा डाली और तोड़फोड़ की। नगर पालिका कर्मचारी संजय ठाकुर की शिकायत पर पुलिस ने युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष रोहित कामदार सहित 12 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 221, 324(2), 351(3) तथा लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के वीडियो और अन्य साक्ष्य भी खंगाल रही है।
यह मामला अब केवल गंदे पानी की समस्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासन और विपक्ष के बीच सीधा टकराव बनता दिखाई दे रहा है। एक ओर कांग्रेस इसे जनता के हक की लड़ाई बता रही है, तो दूसरी ओर प्रशासन कानून व्यवस्था और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का हवाला दे रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शहर को स्वच्छ पानी कब मिलेगा और क्या जनता की मूल समस्या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के शोर में कहीं दबकर रह जाएगी? धार की जनता अब जवाब और समाधान दोनों का इंतजार कर रही है।

