कांग्रेस सरकार में क्या CM से मांगा गया था इस्तीफा? पूर्व मुख्यमंत्री ने पहली बार तोड़ी चुप्पी,खोले अंदरूनी राज
Friday, May 29, 2026-04:55 PM (IST)
रायपुर। कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री बदलाव की चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ की पुरानी सियासी कहानी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने साफ शब्दों में कहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने उनसे कभी इस्तीफा नहीं मांगा। उनके इस बयान के बाद 2018 के बाद छत्तीसगढ़ में चला चर्चित ‘ढाई-ढाई साल फॉर्मूला’ फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
दरअसल, कर्नाटक में मुख्यमंत्री Siddaramaiah के पद छोड़ने की चर्चाओं ने देशभर में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इसी बीच रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने उस दौर को याद किया, जब उनके मुख्यमंत्री बनने के पहले दिन से ही सत्ता परिवर्तन को लेकर सवाल उठने लगे थे।
भूपेश बघेल ने कहा कि जैसे ही उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला, उसी दिन से उनसे पूछा जाने लगा था कि क्या वे केवल ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई और साफ कहा था कि अगर हाईकमान का एक फोन भी आ जाता, तो वे उसी समय इस्तीफा दे देते। लेकिन पूरे पांच साल के कार्यकाल में उनसे कभी पद छोड़ने के लिए नहीं कहा गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने लगातार भ्रम और अफवाहों का माहौल बनाने की कोशिश की, ताकि कांग्रेस सरकार के भीतर अस्थिरता का संदेश जाए। बघेल ने कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी उन्हें दी, उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाई।
इधर, भाजपा नेताओं ने भी इस बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के भीतर सत्ता संघर्ष और खींचतान पूरे पांच साल तक खुलकर दिखाई देती रही, जिसे प्रदेश की जनता ने भी देखा।
कर्नाटक की राजनीतिक हलचल के बीच भूपेश बघेल का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे उस पुराने विवाद पर जवाब देता है, जिसने छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित किया था। अब एक बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

