Punjab Kesari MP ads

423 करोड़ की संपत्ति को लेकर पर हाईकोर्ट का मास्टरस्ट्रोक! फ्रीज़ संपत्तियों को मिली बड़ी राहत

Tuesday, Jun 02, 2026-06:01 PM (IST)

रायपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ₹423 करोड़ मूल्य की फ्रीज़ की गई प्रतिभूतियों और निवेशों से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी निवेशित संपत्ति को केवल सुरक्षित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके आर्थिक मूल्य का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।

यह मामला उद्योगपति हरि शंकर तिबरेवाल से जुड़ी कंपनियों के निवेश पोर्टफोलियो से संबंधित है। अदालत ने माना कि बाजार आधारित निवेशों और सूचीबद्ध शेयरों को लंबे समय तक फ्रीज़ रखने से उनके मूल्य पर बाजार की अस्थिरता का असर पड़ सकता है। हाईकोर्ट ने संबंधित कंपनियों को यह अनुमति दी है कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत कर फ्रीज़ की गई प्रतिभूतियों का परिसमापन कर सकें और प्राप्त राशि को विनियमित वित्तीय साधनों में पुनर्निवेश करने का विकल्प तलाश सकें।

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि लंबित कानूनी प्रक्रिया के दौरान संपत्तियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके वास्तविक आर्थिक मूल्य की रक्षा करना भी आवश्यक है। अदालत का यह दृष्टिकोण न्यायिक संतुलन और आर्थिक व्यावहारिकता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत फ्रीज़ की गई प्रतिभूतियों और बड़े निवेश पोर्टफोलियो से जुड़े मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक साबित हो सकता है। हालांकि मामले के गुण-दोष पर अंतिम निर्णय अभी संबंधित सक्षम प्राधिकरणों द्वारा लिया जाना बाकी है, लेकिन हाईकोर्ट का यह आदेश एसेट वैल्यू प्रोटेक्शन की अवधारणा को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Vikas Tiwari

Related News