MP में मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी! कई जिलों में आंधी-बारिश की आशंका, लोगों को गर्मी से मिल सकती है राहत
Thursday, Jul 16, 2026-11:29 AM (IST)
भोपालः मध्यप्रदेश में पिछले एक सप्ताह से भारी वर्षा नहीं होने के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि जबलपुर समेत 35 जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग ने 19 जुलाई से नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने के बाद प्रदेश में फिर से तेज वर्षा की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 270.3 मिमी होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्यप्रदेश में वर्षा सामान्य से 24 प्रतिशत कम दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से दो प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र बनने तथा चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की वर्षा तथा कहीं-कहीं आंधी चलने का अनुमान व्यक्त किया है।
वहीं मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगरमालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर जिलों में उमस और गर्मी का असर बने रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल पूर्वी मध्यप्रदेश में वर्षा की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय है। हालांकि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में अनुकूल मौसम प्रणालियां सक्रिय रहने पर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।

