विकास के दावों की पोल.. सरकार नाकाम, ग्रामीणों ने 35 हजार चंदा कर बनाया पुल
Friday, Jan 23, 2026-10:27 AM (IST)
भानुप्रतापपुर। (लीलाधर निर्मलकर): चुनावी अखाड़े में सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी बड़े-बड़े मंचों से अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का दम भरते हैं। छत्तीसगढ़ में सरकार बदली, जिले में अधिकारी बदले, लेकिन आज तक नहीं बदली तो वह है ग्रामीणों की समस्याएँ।
स्टेट हाईवे से लगे गांवों की न तो सूरत बदली और न ही सीरत। डबल इंजन की भाजपा सरकार अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का दावा तो कर रही है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आती है।
आज हम बात कर रहे हैं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम रानीडोगरी की, जहां आज तक ग्रामीणों को एक छोटा-सा पुल भी नसीब नहीं हो पाया है। इसके कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बरसात के दिनों में रानीडोगरी के 15 से अधिक परिवारों की बस्ती पूरी तरह टापू में तब्दील हो जाती है। ग्रामीणों ने जनपद कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री तक अपनी समस्या की गुहार लगाई, लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली।
पिछले 15 वर्षों से ग्रामीण पुल बनने की आस में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल झूठा दिलासा देते रहे।
आखिरकार थक-हारकर ग्रामीणों ने सामूहिक चंदा इकट्ठा किया और करीब 35 हजार रुपये खर्च कर खुद ही एक अस्थायी पुल बना लिया। इसी पुल पर पिछले दिनों एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई, जिसमें दो ग्रामीण घायल हो गए और 60 से अधिक बोरी धान नदी में बह गई, जिससे किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

