ड्रग्स मामले में फंसे भाई नाना ने बढ़ाई जीतू पटवारी की मुश्किलें,सवाल उठे-जीतू अब चुप क्यों? भाई पर हत्या का प्रयास,छेड़छाड़ सहित 9 मामले दर्ज
Friday, Jul 10, 2026-07:01 PM (IST)
(भोपाल): मध्य प्रदेश कांग्रेस के मुखिया जीतू पटवारी कांग्रेस को मजबूत करने और सत्ता में वापसी कराने के लिए प्रदेश में काफी मेहनत कर रहे हैं। हालांकि इस मिशन में उन्हें सत्ता पक्ष के साथ ही अपनी पार्टी के भी कुछ नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पहले दिग्विजय सिंह का बयान फिर पूर्व प्रदेश सचिव राकेश यादव का पार्टी छोड़ना और उन पर संगीन आरोप लगाना किसी से छिपा नहीं हैं। अब जीतू पटवारी की मुश्किल किसी और ने नही बल्कि उनके ही भाई ने बढ़ाई है। उनके भाई नाना पटवारी का नाम ड्रग्स मामले में आने के बाद एक बार फिर जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है
नाना पटवारी पर हत्या का प्रयास, महिला से छेड़छाड सहित 9 केस दर्ज
कल इंदौर में नाना पटवारी की गिरफ्तारी को लेकर सारा दिन कयास लगते रहे और राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ती रहीं। जीतू पटवारी के भाई के बारे में सामने आया है कि उन पर कई मामले पहले भी दर्ज हैं। उनके भाई नाना पटवारी के ड्रग्स मामले में नाम आने के बाद अब लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। दरअसल , नाना पटवारी पर पहले ही 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, महिला से छेड़छाड (यौन उत्पीड़न),मारपीट, धमकी जैसे संगीन मामले भी हैं। उन पर 341, 147, 323,294, 506, 36, 147, 148, 149 और 307 के तहत मामले दर्ज हैं।
अब नाना पटवारी ने ड्रग्स लेने की बात स्वीकारी
इसी बीच आज मीडिया के सामने आते हुए नाना पटवारी ने ड्रग्स लेने की बात स्वीकार करते हुए बड़ी हलचल मचा दी है। नाना की ये स्वीकार करना जीतू को भी मुश्किल में डाल रहा है। नाना पटवारा ने बताया कि ड्रग्स मामले में पकड़े गए लोगों से उनका क्या रिश्ता है? नाना पटवारी ने यहां तक कहा कि पहले वो ड्रग्स लेते थे लेकिन अब मैं शराब भी नहीं पीता हूं।
खुद मीडिया के सामने इस कबूलनामे से जीतू पटवारी पूरी तरह से घिरते नजर आ रहे हैं। पार्टी के अंदर और बाहर दोनों तरफ से उन पर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे प्रकरण ने न सिर्फ जीतू पटवारी की छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि कांग्रेस पार्टी की credibility को भी भारी झटका लगा है। अब सवाल उठ रहे हैं कि भाई के आपराधिक रिकॉर्ड और ड्रग्स वाले मामले के सामने आने के बाद जीतू पटवारी इस पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह मामला कांग्रेस के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है, खासकर तब जब पार्टी मध्य प्रदेश में अपनी विश्वसनीयता वापस हासिल करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही दतिया उपचुनाव को लेकर भी इस मामले का असर पड़ सकता है जहां जीतू पटवारी पूरी तरह से मोर्चा संभाले हुए हैं।

