‘कलेक्टर काम के पैसे लेते हैं’ बयान को लेकर चुप नहीं बैठने वाले जीतू पटवारी! अब सीएम मोहन से मुलाकात के लिए मांगा समय
Saturday, Jan 24, 2026-05:19 PM (IST)
भोपाल : कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रत्यक्ष मुलाकात के लिए समय मांगा है। PM मोदी से CM मोहन की इस्तीफे की मांग करने के बाद अब इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है, जिसमें राज्य में निवेश प्रयासों के वास्तविक परिणामों, विदेश दौरों की उपलब्धियों और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर विस्तृत चर्चा की मांग की गई है।
अपने पत्र में पटवारी ने मुख्यमंत्री को दावोस से स्वदेश लौटने पर बधाई देते हुए लिखा है कि मध्यप्रदेश के लिए घोषित निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार के लक्ष्य केवल घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि उनके ठोस और ज़मीनी परिणाम जनता के सामने आएं। उन्होंने कहा कि जनता के धन से किए गए सरकारी और विदेशी दौरों की उपलब्धियां आंकड़ों, परियोजनाओं और क्रियान्वयन के स्तर पर सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि नागरिकों और निवेशकों दोनों का भरोसा शासन व्यवस्था पर बना रहे।
आज मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। स्वयं मुख्यमंत्री जी यह स्वीकार कर चुके हैं कि प्रदेश में कलेक्टर पैसे लेकर काम करते हैं।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 24, 2026
ऐसे गंभीर हालात में मैं मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी से भेंट हेतु समय मांगता हूँ, ताकि प्रशासन में फैले करप्शन और कमीशन के इस सिस्टम पर रोक… pic.twitter.com/CEbsWrfH6R
पत्र का सबसे गंभीर हिस्सा प्रशासनिक भ्रष्टाचार से जुड़ा है। जीतू पटवारी ने हाल ही में एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के दौरान राज्य के मुख्य सचिव द्वारा की गई कथित टिप्पणी - “मध्यप्रदेश में कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करते” — का विशेष रूप से उल्लेख किया है। पटवारी ने इस बयान को प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार के संस्थागत रूप लेने का संकेत बताया है।
मुख्यमंत्री जी,
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 24, 2026
निवेश परिणामों का विवरण, विदेश दौरों की उपलब्धियों की जानकारी एवं प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर गंभीर चर्चा हेतु आप मुझे समय प्रदान करें, ताकि करप्शन और कमीशन की महामारी रोकने के लिए मैं अपने सुझाव साझा कर सकूं!@DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/tlwzInsQcY
उन्होंने लिखा कि यदि जिला स्तर के शीर्ष अधिकारी ही लेन-देन के आधार पर कार्य करेंगे, तो आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन, अनुमतियों, भुगतान, ठेकों और राहत कार्यों तक पूरी शासन व्यवस्था भ्रष्टाचार के चक्रव्यूह में फंस जाएगी। जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक आलोचना करना नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना, जनता को न्याय दिलाना और शासन में पारदर्शिता व जवाबदेही स्थापित करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन सभी मुद्दों पर गंभीर चर्चा और अपने सुझाव साझा करने के लिए समय देने का आग्रह किया है। इस पत्र को पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी सार्वजनिक किया है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में प्रशासनिक भ्रष्टाचार और निवेश परिणामों को लेकर सियासी पारा बढ़ गया है।

