नई दिशा में MP की राजनीति, सिंधिया समर्थक मंत्री की विधानसभा मे मंत्री कैलाश की फोटो पोस्टर से गायब,सियासत चरम पर
Saturday, Jun 20, 2026-03:28 PM (IST)
(इंदौर):मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पोस्टर पर बवाल हो गया है। दरअसल इस पोस्टर में बीजेपी के तमाम दिग्गज मौजूद हैं लेकिन प्रदेश के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गायब है।जानकारी के मुताबिक प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यक्रम से पहले ही इंदौर में पोस्टर पॉलिटिक्स शुरु हो चुकी है और राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बटोर रही हैं।
कैलाश विजयवर्गीय का फोटो पोस्टर से गायब
दरअसल सांवेर विधानसभा क्षेत्र में भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग्स और स्वागत पोस्टरों लगाए गए हैं। इस पोस्टर्स में भाजपा के कई नेताओं के फोटो हैं लेकिन प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर इन पोस्टर्स में नजर नहीं आ रही है, जिससे ये पोस्टर्स सियासी चर्चा की वजह बन गए हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह कार्यक्रम कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट के विधानसभा क्षेत्र का है। जो पोस्टर यहां पर लगाए गए हैं उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ ही सांसद शंकर लालवानी और मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई नेताओं के फोटो हैं। इसी बात की हैरानी जताई जा रही है कि कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर पोस्टर में न लगने का क्या कारण हो सकता है। सीनियर मंत्री और नेता का फोटो पोस्टर से गायब होने से राजनीतिक फिजाएं भी गरम हो गई है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मंत्री है तुलसी सिलावट
जानकारी के लिए बता दें कि तुलसीराम सिलावट साल 2020 में सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। अब वो लगातार सांवेर क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। इसी लिए सवाल भी उठ रहा है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम है और पोस्टरों से कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर गायब है। यह कई संकेत भी दे रहा है।
पोस्टर से फोटो गायब होना कोई भूल या कोई रणनीती
राजनीतिक गलियारों में पोस्टर से कैलाश विजयवर्गीय का नाम गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है, इसे संयोग या भूल मानने वाला एंगल लोगों को रास नहीं आ रहा है। इसको राजनीतिक संकेत समझा जा रहा है। फिलहाल कार्यक्रम में पोस्टर इंदौर की राजनीति में बहस छिड़ चुकी है और इसे किसी और नजर से देखा जा रहा है। हालांकि अभी इस पर भाजपा संगठन या कार्यक्रम के आयोजकों ने कोई सफाई नहीं दी है।

