सरकार पर कर्ज को लेकर कमलनाथ के पोस्ट से सियासी तूफान, MP पर देश के कुल कर्ज़ का 5% हिस्सा,BJP ने दिया ये जवाब
Wednesday, Feb 11, 2026-11:56 PM (IST)
(डेस्क): मध्य प्रदेश के कर्ज को लेकर सियासी तूफान अपने चरम पर हैं. कर्ज और वित्तीय संकट को लेकर मध्य प्रदेश बीजेपी और कांग्रेस के घमासान मचा है। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने प्रदेश की मोहन सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कर्ज को लेकर बोले गए इस हमले में कमलनाथ ने कहा है कि भारतीय जनता की पार्टी की सरकारों ने मध्य प्रदेश को कर्ज प्रदेश बना दिया है।
BJP सरकारों ने मध्य प्रदेश को कर्ज प्रदेश बना दिया-कमलनाथ
दरअसल रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश पर देश के सार्वजनिक कर्ज की हिस्सेदारी 5,31,012.8 करोड़ रुपए हो चुकी है, लेकिन चिंता करने वाली बात ये है कि बीते एक साल में यह कर्ज और ज्यादा बढ़ा है। इसी को लेकर कमलनाथ ने बीजेपी सरकारों को कटघरे में खड़ा किया है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट लिखते हुए कहा कि...
भारतीय रिज़र्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर 5, लाख करोड़ रुपया से अधिक का कर्ज़ हो चुका है और मध्य प्रदेश के ऊपर देश के कुल कर्ज़ का 5% हिस्सा हो गया है। भाजपा की सरकार ने कितनी तेज़ी से मध्य प्रदेश को कर्ज़ के दलदल में डुबाया है, इस बात का अंदाज़ा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि 2007 में मध्यप्रदेश के ऊपर 52, हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ था जो क़रीब दस गुना बढ़कर 5,00,000 करोड़ की सीमा को पार कर गया है।
भाजपा सरकार अपनी फ़िज़ूलख़र्ची और इवेंट बाज़ी पर सरकारी ख़ज़ाने को लुटा रही है। आम जनता कभी कफ सीरप में ज़हर, तो कभी विषाक्त जल पीने से बेमौत मारी जा रही है और सरकारी ख़ज़ाना बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति की जगह भ्रष्टाचार पर ख़र्च किया जा रहा है। मैंने पहले भी आगाह किया है और एक बार फिर दोहराता हूँ कि मध्य प्रदेश सरकार को अपनी राजकोषीय स्थिति के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए और जनहित में इसमें सुधार करने की ज़रूरत है।
बीजेपी ने कर्ज को लेकर दिया तर्क और जवाब
वहीं इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से तर्क दिया गया है कि उसने कर्ज विकास कार्यों के लिए लिया है। भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है। कांग्रेस के आरोप पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि सरकार कर्ज ले रही है लेकिन इससे मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल रहा है और विकास भी हो रहा है। मध्य प्रदेश अपनी यह लिमिट के अंदर ही कर्ज ले रहा है। लिहाजा कर्ज और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर कांग्रेस बीजेपी के बीच घमासान छिड़ गया है।

