CM ने पूछा- ''यहां कब से हो?''... 5 दिन बाद बदल गया कलेक्टर, राज्य के इस अधिकारी का तबादला चर्चा में
Wednesday, Jul 29, 2026-07:12 PM (IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए आठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस सूची में सबसे अधिक चर्चा 2015 बैच के आईएएस अधिकारी पार्थ जायसवाल की हो रही है। खास बात यह है कि कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उनसे उनके कार्यकाल को लेकर सवाल किया था और महज पांच दिन बाद उनका तबादला कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में छतरपुर दौरे के दौरान कलेक्टर पार्थ जायसवाल से पूछा था कि वे जिले में कब से पदस्थ हैं। जवाब में उन्होंने बताया कि उन्हें यहां दो वर्ष से अधिक समय हो चुका है। इसके कुछ ही दिनों बाद सरकार ने जारी तबादला आदेश में उन्हें शहडोल का नया कलेक्टर नियुक्त कर दिया। यह घटनाक्रम प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि सरकार की ओर से तबादले को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है।
वहीं, बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीणा को छतरपुर का नया कलेक्टर बनाया गया है। दूसरी ओर, ग्वालियर के अपर कलेक्टर कुमार सत्यम को बालाघाट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।इस तबादला सूची में एक और बड़ा बदलाव 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह को लेकर देखने को मिला। पहले जारी आदेश में उन्हें शहडोल का कलेक्टर बनाया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद सरकार ने आदेश में संशोधन करते हुए उन्हें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अपर आयुक्त नियुक्त कर दिया। इससे यह तबादला सूची भी चर्चा में आ गई।
आईएएस पार्थ जायसवाल की शैक्षणिक उपलब्धियां भी उन्हें अलग पहचान देती हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। सिविल सेवा में आने से पहले उनका चयन भारतीय वन सेवा में भी हुआ था, जहां उन्होंने ऑल इंडिया पांचवीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद वर्ष 2014 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 299वीं रैंक प्राप्त कर आईएएस सेवा में प्रवेश किया।
प्रशासनिक अनुभव की बात करें तो पार्थ जायसवाल शहडोल में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में लगभग पांच वर्षों तक कार्य कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अगस्त 2024 में उन्हें छतरपुर का कलेक्टर बनाया गया था और अब एक बार फिर वे शहडोल लौटकर जिले की कमान संभालेंगे।
सरकार के इस ताजा प्रशासनिक फेरबदल को आगामी विकास कार्यों और प्रशासनिक जरूरतों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जबकि पार्थ जायसवाल का तबादला मुख्यमंत्री के हालिया सवाल के बाद होने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

