श्मशान घाट नहीं... और न ही पहुंचने का रास्ता, तेज बारिश में तिरपाल के नीचे हुआ अंतिम संस्कार; दर्दनाक तस्वीर आई सामने
Monday, Aug 10, 2026-05:15 PM (IST)
गुना (मिसबाह नूर): आजादी के 78 साल बाद भी गुना जिले की बमोरी तहसील का ग्राम विसोनिया बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। गांव में न तो श्मशान घाट की उचित व्यवस्था है और न ही वहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता। इसका दुखद उदाहरण सोमवार को देखने को मिला, जब तेज बारिश के बीच ग्रामीणों को तिरपाल की आड़ में अंतिम संस्कार करना पड़ा।

ग्राम विसोनिया के सहरिया टपरा निवासी मांगीलाल, नानू, रामकिशन और अमरसिंह ने बताया कि श्मशान घाट तक जाने के लिए सिर्फ एक संकरी पगडंडी है। बारिश के दिनों में इस रास्ते से शव ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब छह साल पहले ग्राम पंचायत ने यहां मरघट शाला का निर्माण कराया था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण वह एक साल के अंदर ही गिर गई। इसके बाद दोबारा मरघट शाला नहीं बनाई गई।

इसी परेशानी के बीच रविवार को गांव के नथुआ सहरिया का बीमारी के चलते जिला अस्पताल में निधन हो गया। सोमवार सुबह परिजन और ग्रामीण उनका अंतिम संस्कार करने गांव पहुंचे। उस समय तेज बारिश हो रही थी। श्मशान घाट पर छत की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने तिरपाल लगाकर किसी तरह अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में श्मशान घाट और पक्के रास्ते जैसी जरूरी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

