राज्य में दल बदल पर सियासी भूचाल ! सांसद के घर ‘गद्दार’ लिखकर कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
Tuesday, Apr 28, 2026-10:50 AM (IST)
CG Desk: इन दिनों कई बड़े नेता 'आप' को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए है। वहीं, छत्तीसगढ़ में संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। सांसद के घर ‘गद्दार’ लिखकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। जानकारी के अनुसार, संदीप पाठक के गांव बटहा (जिला मुंगेली) स्थित घर में पहुंचकर आप कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इतना ही नहीं बल्कि उनके घर की दीवारों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी लिखीं। वहीं, सोशल मीडिया पर भी संदीप पाठक पर जमकर हमला बोला गया।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ इकाई ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "जिसे पार्टी का “थिंक टैंक” माना जाता था, वही अब “सैप्टिक टैंक” साबित हुआ।" कार्यकर्ताओं की इस पोस्ट के बाद विरोध और बढ़ता नजर आ रहा है। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होने पर गहरी नराजगी व्यक्त की गई है। वहीं, कुछ कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच ऑनलाइन बहस छिड़ गई है, जिससे यह मुद्दा केवल स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।जिसे समझा 'थिंक टैंक', वो निकला 'सैप्टिक टैंक'!
— AAP Chhattisgarh (@AAPChhattisgarh) April 27, 2026
राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होने के फैसले से आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
कार्यकर्ताओं ने उनके गृह ग्राम बटहा (मुंगेली) पहुंचकर घर की दीवारों पर 'गद्दार' लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया। pic.twitter.com/k3cS9qNZNW
इससे पहले आप कार्यकर्ताओं ने संदीप पाठक के गृह ग्राम बटहा (जिला मुंगेली) में पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए उनके घर की दीवारों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखीं। जिसमें लिखा- “जिसे समझा ‘थिंक टैंक’, वो निकला ‘सेप्टिक टैंक’” इसके अलावा सांसद के घर ‘गद्दार’ लिखकर भी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। इसके चलते सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। आने वाले दिनों में और विरोध-प्रदर्शन होने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक टकराव का यह दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।

