भाजपा ने अनुच्छेद 370 पर टिप्पणी के लिए दिग्विजय की आलोचना की, एनआईए जांच की मांग

6/12/2021 6:28:35 PM

भोपाल, 12 जून (भाषा) मध्यप्रदेश भाजपा ने शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने पर उनकी कथित टिप्पणी के लिए जमकर आलोचना की। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दिग्विजय सिंह की गतिविधियों की एनआईए से जांच कराने की मांग की तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी पर ‘‘पाकिस्तान की भाषा’’ बोलने का आरोप लगाया।

एक अन्य भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सिंह ने देश के साथ विश्वासघात किया है और उनकी टिप्पणी ‘‘राष्ट्र विरोधी कृत्य’’ की श्रेणी में आती है।

एक क्लब हाउस बातचीत में सिंह ने कथित तौर पर एक व्यक्ति से यह टिप्पणी की। भाजपा ने इस व्यक्ति को पाकिस्तानी मूल का पत्रकार बताया है।

शनिवार को भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने अपने ट्विटर खाते पर दिग्विजय सिंह की कथित ‘चैट’ (बातचीत) की क्लिप साझा की। इसमें दावा किया गया कि क्लब हाउस चैट में सिंह कश्मीर में अनुच्छेद 370 पर पुनर्विचार करने की बात कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर उपलब्ध बातचीत के एक हिस्से के मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने क्लब हाउस संवाद में कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना और राज्य का दर्जा खत्म करना बहुत दुखद है। कांग्रेस पार्टी इस विषय पर निश्चित तौर पर पुनर्विचार करेगी।’’
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने कश्मीर में धारा 370 लगाकर पाप किया है। चौहान ने कहा, ‘‘ कश्मीर भारत का मुकुटमणि है, भारत का अभिन्न अंग है। यह कांग्रेस थी जिसने कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगाने का पाप किया। कांग्रेस अब फिर पाकिस्तान की भाषा बोल रही है।’’
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी का रुख स्पष्ट करना चाहिए। चौहान ने कहा, ‘‘ मैडम सोनिया गांधी जी को देश के सामने जम्मू-कश्मीर और धारा 370 के मामले में कांग्रेस पार्टी का स्टैंड क्लियर (रुख स्पष्ट) करना होगा। वो जवाब दें, और अगर वो जवाब नहीं देती हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि वे दिग्विजय सिंह जी के विचारों से पूर्णत: सहमत हैं।’’
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, ‘‘दिग्विजय सिंह जी आप कितनी भी कोशिश कर लें, आपके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक एक देश एक है, और आगे भी एक रहेगा।’’
मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस चैट में एक पाकिस्तानी पत्रकार के शामिल होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को दिग्विजय सिंह के फोन कॉल की जांच करनी चाहिए। शर्मा ने कहा कि वह जल्द ही इस बारे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखेंगे।

शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति के लिए देश की संप्रभुता पर हमला करने का ‘‘फैशन’’ बना लिया है।


प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने इस मामले में कहा, ‘‘ दिग्विजय सिंह ने यह बयान देकर देश को धोखा दिया है। अनुच्छेद 370 पर यह टिप्पणी राष्ट्र विरोधी कृत्य की श्रेणी में आती है।’’
उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह और अन्य कांग्रेस नेता अंतरराष्ट्रीय मंच पर भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं तथा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले को कोई बदल नहीं सकता है।

अपनी कथित टिप्पणी पर तीखी आलोचनाओं का सामना करते हुए दिग्विजय सिंह ने ट्वीट में कहा, ‘‘ अनपढ़ लोगों की जमात को करेंगे (शेल) और विचार करने (कंसीडर) में फर्क शायद समझ में नहीं आता।”
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है और पार्टी ने अभी तक इस विषय पर बोलने के लिए कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हम सिंह के कथित बयान पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकते।

इस बीच, मध्यप्रदेश की राघोगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक और प्रदेश के पूर्व मंत्री, दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ अगला चुनाव 370 पर नहीं बल्कि बढ़ती हुई मंहगाई, बेरोजगारी एवं कोरोना के कारण देश में जो तबाही हुई है, इन मुद्दों पर लड़ा जाएगा”

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PTI News Agency

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