मध्य प्रदेश के वन अधिकारियों को कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के पहुंचने के बारे में जानकारी नहीं

8/12/2022 8:48:59 PM

भोपाल, 12 अगस्त (भाषा) भारत में विदेश से लाकर चीतों को फिर से जल्द बसाने की अटकलों के बीच मध्य प्रदेश वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें प्रदेश के श्योपुर जिला स्थित कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के पहुंचने की योजना के बारे में जानकारी नहीं हैं।

पहले कयास लगाए जा रहे थे कि चीते 15 अगस्त तक राज्य में पहुंच जाएंगे और उन्हें शुरू में रखने के लिए कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में पांच वर्ग किलोमीटर के दायरे में ‘सॉफ्ट रिलीज बाड़ा’ भी बनाया गया है।
मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) जे एस चौहान ने कहा, ‘‘हमें अब तक उनके आने की जानकारी नहीं है, क्योंकि यह केंद्र सरकार और परियोजना में शामिल अन्य देशों के बीच का मामला है।’’ भारत ने कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को बसाने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना के तहत नामीबिया सरकार के साथ चीतों की खरीद के लिए पिछले महीने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे।

चौहान ने इस पर भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से खरीदे जा रहे चीते एक साथ भारत आएंगे या अलग-अलग।

उन्होंने कहा कि केंद्र पहले ही चीतों के अंतरमहाद्वीपीय स्थानान्तरण के लिए नामीबिया के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर चुका है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के साथ प्रस्तावित समझौते पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं।
इन चीतों के आने के बाद करीब 70 साल बाद देश में बिलुप्त हुए चीते की दहाड़ फिर से सुनाई देगी। देश में इस प्रजाति का अंतिम चीता 1947 में अविभाजित मध्य प्रदेश के कोरिया इलाके में देखा गया था, जो अब छत्तीसगढ़ में आता है। बाद में 1952 में इस जानवर को देश में विलुप्त घोषित कर दिया गया। इस प्रजाति के चीते की रफ्तार 80 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है।


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PTI News Agency

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