ट्रेन में बम की फर्जी सूचना देने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, रेलवे में ही सफाईकर्मी है दोनों

5/20/2022 3:29:40 PM

इंदौर(सचिन बहरानी): राज्य रेलवे पुलिस आरपीएफ ने दो ऐसे शातिर रेलवे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है जो अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों के चलते ट्रेन के समय में बदलाव करने के लिए फर्जी सूचनाएं सोशल मीडिया पर वायरल करते थे। जीआरपी इंदौर ने उज्जैन स्टेशन से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

PunjabKesari

दरअसल, दोनों ही आरोपी मुंबई में रहते है और प्राइवेट कंपनी के ठेके पर सफाईकर्मी के तौर पर काम करते थे। गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस में दोनों ही कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है और अपने परिजनों के साथ ज्यादा वक्त गुजारने के लिए वो ट्विटर के माध्यम से ट्रेन में बम होने की सूचना देते थे लेकिन जब संबंधित ट्रेनों की जांच लोकल पुलिस और रेलवे पुलिस द्वारा की जाती थी तो नतीजा सिफर निकलता था यानि ट्रेन में बम होने की अफवाह फैलाकर दोनों कर्मचारी कांट्रेक्टर को धोखा देने का प्रयास करते थे। इधर, 3 राज्यों की पुलिस इस मामले को गंभीरता से जांच कर रही थी। वही पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की इंदौर जीआरपी पुलिस ने साइबर सेल भोपाल की मदद से दोनों ही आरोपियों की पहचान की और उसके बाद दोनों को उज्जैन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।
PunjabKesari

अब दोनों ही आरोपियों पर आईपीसी, सायबर क्राइम और रेल अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम मिलन रजक निवासी शांताक्रूज मुंबई और प्रमोद माली निवासी वेस्ट शिवाजी नगर बताये जा रहे है। जहां मिलन रजक की उम्र 44 वर्ष है तो वही उसके साथी प्रमोद की उम्र 24 वर्ष है। जीआरपी इंदौर ने उज्जैन में गोरखपुर-बांद्रा ट्रेन में से पहले विनोद माली को गिरफ्तार किया जिसने बताया कि मिलन रजक ही ट्वीट करता है और दोनों को आसानी से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, ट्विटर पर एक्शन लेते रेलवे की कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया। दोनों आरोपियों ने पहले 11 मई और हाल ही में 18 मई की रात को अफवाह फैलाने वाले ट्वीट किए थे।  


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

meena

Related News

Recommended News