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ISI से जुड़कर बड़ा धमाका करने वाले थे MP के 3 युवक! मंदिर, ढाबा और सैन्य कैंप की तस्वीरें पाकिस्तान भेजीं, दिल्ली पुलिस का खुलासा

Sunday, May 10, 2026-04:55 PM (IST)

भोपाल: मध्य प्रदेश के तीन युवकों की गिरफ्तारी ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दावा किया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक मॉड्यूल का हिस्सा बने एमपी के तीन युवक दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर, हाईवे स्थित भीड़भाड़ वाले ढाबे और हरियाणा के सैन्य कैंप को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपियों ने कई संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाए थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीकमगढ़ जिले के नेगुवां निवासी अनमोल राय, ग्वालियर के डबरा निवासी राजवीर और विवेक बंजारा के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस की टीम तीनों को उनके गांवों से हिरासत में लेकर दिल्ली पहुंची, जहां उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और पहले दिल्ली में मजदूरी कर चुके हैं।

स्पेशल सेल के एसीपी पीएस कुशवाहा के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध ई-मेल, विदेशी नंबरों से ऑडियो-वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के जरिए भेजी गई लोकेशन आधारित तस्वीरों के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इन युवकों को इस नेटवर्क से जोड़ने के बदले क्या आर्थिक या अन्य लाभ दिए गए थे।

पूरे मामले का खुलासा दिल्ली पुलिस के ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ के दौरान हुआ। इस अभियान में विभिन्न राज्यों से शाहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े नौ संदिग्ध ऑपरेटिव्स को पकड़ा गया था। पूछताछ में सामने आया कि मॉड्यूल का मकसद दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर में तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाकर दहशत फैलाना था। इसके अलावा दिल्ली-सोनीपत हाईवे के एक प्रसिद्ध ढाबे पर ग्रेनेड हमला करने की योजना भी बनाई गई थी, जहां रोजाना हजारों लोग आवाजाही करते हैं।

जांच में हरियाणा के हिसार स्थित सैन्य कैंप की रेकी का मामला भी सामने आया है। आरोपियों ने कैंप और आसपास के क्षेत्रों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे थे। इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश के कुछ थाने भी इस मॉड्यूल के निशाने पर बताए जा रहे हैं।

फिलहाल दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां मॉड्यूल के नेटवर्क, फंडिंग और सीमा पार संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ तीन युवकों की गिरफ्तारी का मामला नहीं, बल्कि देश के भीतर सक्रिय उस खतरनाक नेटवर्क की परतें खोल रहा है, जो सोशल मीडिया और आर्थिक लालच के जरिए युवाओं को आतंकी साजिशों में शामिल करने की कोशिश कर रहा है।


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Content Editor

Himansh sharma

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