कर्नल सोफिया टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई, पूर्व मंत्री का बड़ा दावा-विजय शाह का मंत्री पद जाना तय
Monday, Feb 09, 2026-01:50 PM (IST)
भोपाल : मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रहीं। कर्नल सोफिया कुरैशी पर वर्ष 2025 में दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई हो रही है। यह बयान ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिया गया था, जिसे सेना अधिकारी की गरिमा के अपमान और सांप्रदायिक घृणा फैलाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, SIT जांच पूरी
यह मामला पहले हाई कोर्ट में विचाराधीन रहा, जहां से होते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT अपनी जांच पूरी कर चुकी है और रिपोर्ट में अभियोजन की सिफारिश की गई है। हालांकि, अब तक राज्य सरकार की ओर से अभियोजन की औपचारिक अनुमति लंबित है। इससे पहले विजय शाह की ओर से दी गई माफी को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि माफी काफी देर से और परिस्थितिजन्य दबाव में दी गई है।
पीसी शर्मा का बड़ा दावा, मंत्री पद जाना तय
सुनवाई से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विजय शाह चार बार माफी मांग चुके हैं, लेकिन अब उन्हें किसी भी तरह की राहत नहीं मिलेगी। शर्मा का दावा है कि न्यायपालिका अपना काम करेगी और विजय शाह को मंत्री पद गंवाना पड़ेगा। पीसी शर्मा ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि महिलाओं की गरिमा और सेना के सम्मान से जुड़ा हुआ है, जिसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राजनीति गरमाई, सरकार पर मंत्री को बचाने के आरोप
इस पूरे विवाद ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। विपक्ष लगातार मोहन यादव सरकार पर विजय शाह को बचाने का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस इसे महिला सशक्तिकरण और सरकार की योजनाओं, खासकर लाडली बहना योजना, के दावों से जोड़कर सरकार को घेर रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक ओर सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अपने मंत्री के कथित आपत्तिजनक बयान पर नरमी बरती जा रही है। यदि सुप्रीम कोर्ट सख्त रुख अपनाता है, तो यह मोहन यादव सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।

