कलेक्टर की छोटी सी कोशिश से बदली दिव्यांग महिला की जिंदगी, लिख दी हौसले और जज्बे की नई कहानी

Tuesday, Jan 13, 2026-02:07 PM (IST)

गुना (मिस्बाह नूर) : मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है… इस कहावत को गुना की श्रीराम कॉलोनी निवासी 80 प्रतिशत दिव्यांग महिला रूपवती अहिरवार ने अपने जीवट और संघर्ष से साकार कर दिखाया है। शारीरिक अक्षमता, आर्थिक तंगी और बच्चे के भविष्य की चिंता के बावजूद रूपवती ने हार नहीं मानी और आत्मनिर्भर बनने का साहसिक निर्णय लिया।

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बीते मंगलवार जनसुनवाई के दौरान उन्होंने अपनी व्यथा कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के समक्ष रखी। रूपवती और उनके पति दोनों ही 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं, ऐसे में परिवार का जीवन यापन बेहद कठिन हो गया था। उनकी पीड़ा और आत्मनिर्भर बनने की जिद को देखते हुए कलेक्टर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए रेडक्रॉस के माध्यम से तत्काल 10 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत की।

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इस छोटी-सी मदद ने रूपवती के जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया। सहायता राशि से उन्होंने टेकरी सरकार परिसर में खिलौनों की दुकान शुरू की और मेहनत का ऐसा फल मिला कि पहले ही दिन 6 हजार रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ। यह सिर्फ कमाई नहीं थी, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की जीत थी।

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इसी मंगलवार रूपवती दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचीं, लेकिन इस बार आंखों में आंसू नहीं, बल्कि कृतज्ञता और चेहरे पर आत्मविश्वास था। उन्होंने कलेक्टर का आभार जताते हुए अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की इच्छा जाहिर की। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने उनके जज्बे की सराहना करते हुए भविष्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। रूपवती ने अन्य दिव्यांग साथियों को संदेश दिया कि शारीरिक अक्षमता हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हौसला ही हमारी असली ताकत है, अगर ठान लें तो कोई भी परिस्थिति हमें तोड़ नहीं सकती।


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meena

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