Video: सिर से छिन गई छत तो 600 किमी दूर रिक्शे से परिवार संग पहुंचे घर, बोले- अब दिल्ली दूर नहीं

5/16/2020 3:29:32 PM

छतरपुर(राजेश चौरसिया): लॉकडाउन में मजदूरों का अन्य राज्यों से अपने घर वापसी का सिलसिला जारी है। महानगरों में कामधंधे बंद होने और मकान/गुमटी/चाल का किराया न दे पाने पर मकान मालिकों द्वारा घर खाली कराए जाने लगे हैं, जिससे उनके रहने का भी आशियाना छिन गया। ऐसे में इन मजदूरों को घर की वापसी के अलावा कोई चारा नहीं दिख रहा। देशभर से इनके पलायन के दिल को छूने वाली तस्वीरें वायरल हो रही है। ऐसे में छतरपुर जिले के हरपालपुर से भी एक ऐसी ही मार्मिक तस्वीर सामने आई है। जहां लॉक डाउन एवं कोरोना वायरस के खतरे के चलते दिल्ली से एक मज़दूर अपने परिवार को रिक्शे पर लेकर छतरपुर आ गया।

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छतरपुर जिले के मवईया गांव में एक मजदूर परिवार जो अपनी पत्नी तीन बच्चों एवं भांजे के साथ 600 किलोमीटर जुगाड़ का रिक्शा चलाकर 5 दिनों में छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर और वहां से मवईया अपने गांव पहुंचा। प्रवासी मजदूर वृदांवन अहिरवार और पत्नी गीता की मानें तो 6 साल की लड़की, 4 एवं डेढ़ साल के दो मासूम बच्चों के साथ गुजर करना मुश्किल हो रहा था। दिल्ली में मजदूरी नहीं मिलने से मकान का किराया नहीं दे पाए तो मकान मालिक द्वारा घर खाली करा लिया जिससे अपनी गृहस्थी का पूरा समान रिक्शे पर रख दिल्ली से चल पड़ा। 

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5 दिनों के सफर में मजदूर परिवार ने बताया कि रास्ते मे कहीं खाने पीने का सामान नहीं मिला। जो रुपया पैसा था तो रास्ते में मासूम बच्चों के लिये खाने पीने का इंतज़ाम कर चले। रात जब हरपालपुर पहुंचे तो मजदूर परिवार ने बताया कि यह जीवन का सबसे बुरा अनुभव रहा। अब कभी अपना गांव छोड़कर नहीं जायेंगे। इसके दर्द में सरकारों द्वारा मजदूरों के लिये कुछ नहीं करने की सच्चाई बयान हो रही थी।


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meena

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