तुरतुरिया में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: नदी का जल स्तर बढ़ने से माता गढ़ की पहाड़ी पर फंसे 250 श्रद्धालुओं को पुलिस ने सुरक्षित निकाला
Monday, Jul 06, 2026-11:57 AM (IST)
रायपुर/बलौदाबाजार (अशोक कुमार): छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के तुरतुरिया मंदिर में बालमदेही नदी का अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण वहां फंसे करीब 250 श्रद्धालुओं को कसडोल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

मिली जानकारी के अनुसार, भंडारपुरी डुम्हा गांव से श्रद्धालुओं का दल रविवार सुबह बालमदेही नदी पार कर तुरतुरिया मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। उस समय नदी का जलस्तर सामान्य था। हालांकि दोपहर बाद क्षेत्र में तेज बारिश शुरू होने से नदी का पानी तेजी से बढ़ गया और कुछ ही देर में नदी उफान पर आ गई। इसके कारण श्रद्धालुओं का वापसी मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और सभी मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्र में फंस गए, जिससे वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
घटना की जानकारी मिलते ही कसडोल थाना प्रभारी प्रवीण मिंज के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने जोखिम उठाते हुए बाढ़ग्रस्त क्षेत्र तक पहुंच बनाई तथा चरणबद्ध तरीके से सभी करीब 250 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। थाना प्रभारी प्रवीण मिंज ने जानकारी देते हुए कि सुबह जब श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे, तब नदी में पानी कम था, लेकिन लगातार बारिश होने से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया।

इसके बाद पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी 250 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उन्होंने लोगों से अपील की, कि बारिश के मौसम में नदी-नालों को पार करने से बचें और यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। रेस्क्यू के दौरान कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों को कंधे पर बैठाकर नदी पार कराई, जिससे उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने नगर सेना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि दोपहर करीब 2:30 बजे ही नगर सेना को सूचना दे दी गई थी, लेकिन शाम पांच बजे तक उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस बीच पुलिस ने अकेले ही सभी श्रद्धालुओं का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियों में बचाव दल को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू करना चाहिए।

