छतरपुर में बड़ी सियासी हलचल! CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रमुख शिंदे और अमित भटनागर की मुलाकात से सियासी तूफान
Friday, Sep 04, 2026-09:19 PM (IST)
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रमुख अजिंक्य शिंदे के छतरपुर दौरे के बीच केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रमुख आंदोलनकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर से उनकी महत्वपूर्ण मुलाकात ने जिले के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। गुरुवार रात छतरपुर में दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान CJP की प्रदेश समन्वयक माया विश्वकर्मा भी मौजूद रहीं।
इसके बाद अजिंक्य शिंदे और अमित भटनागर ने छतरपुर जिले के झमटुली सहित कुछ स्थानों पर लोगों के साथ बैठक की। झमटुली में हुई बैठक में केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े आंदोलन में सक्रिय रहीं दिव्या अहिरवार के साथ गया पटेल, महेश पटेल और दीपक पटेल भी मौजूद रहे।

लंबी बातचीत के बाद बढ़ी चर्चाएं
जानकारी के अनुसार, झमटुली की बैठक से पहले छतरपुर में अजिंक्य शिंदे और अमित भटनागर के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर लंबी बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, बातचीत में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों, शिक्षा व्यवस्था तथा जिले में आगे की रणनीति को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
सूत्रों का यह भी दावा है कि आने वाले दिनों में इन मुद्दों को लेकर कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है। हालांकि बैठक में क्या रणनीति बनी और आगे किस तरह की गतिविधियां होंगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
क्या छात्रों-युवाओं को लेकर बड़ा आंदोलन होगा?
मुलाकात और बैठकों के बाद अब जिले में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जल्द कोई बड़ा मूवमेंट देखने को मिल सकता है। खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर भी छतरपुर में लंबे समय से आंदोलन और विरोध की गतिविधियां चलती रही हैं।

संगठन की ओर से अभी कोई घोषणा नहीं
हालांकि, अमित भटनागर या जय किसान संगठन की ओर से अभी तक किसी छात्र आंदोलन अथवा आगामी कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में मुलाकात के बाद सामने आने वाली संभावित गतिविधियों को लेकर फिलहाल तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
लेकिन CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रमुख अजिंक्य शिंदे का छतरपुर दौरा, झमटुली में बैठक और अमित भटनागर के साथ लंबी बातचीत ने जिले में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या छात्रों और युवाओं की आवाज को लेकर छतरपुर में किसी बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू हो चुकी है? फिलहाल इसका जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो आने वाले कुछ दिन इस पूरे घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

