पिता के पैर धोकर पुत्र ने मांगी माफी, SDM आशीष पांडे के कोर्ट में अनोखा फैसला, जानिए पूरा मामला

5/12/2022 1:09:45 PM

जबलपुर(विवेक तिवारी): अपनी संवेदनशील कार्यशैली के लिए विख्यात एसडीएम सिहोरा आशीष पांडे ने एक बार फिर कोर्ट के अंदर पहली ही पेशी में अपनी सुपरिचित शैली में केस का निपटारा कर दिया और लंबे अरसे से पिता-पुत्र के बीच में चल रही तल्खी चंद पलों में खत्म हो गई। एसडीएम कोर्ट के अंदर ही फिर पानी मंगाया गया और पुत्र ने पिता के पैर धोए और बड़े ही प्रेम पूर्वक घर चले गए।
दरअसल यह सब कुछ जो हुआ वह प्रशासनिक दक्षता का ही परिणाम है जिसके लिए एसडीएम आशीष पांडे जाने जाते हैं। कोरोना काल में आशीष पांडे ने जिस सेवा भावना से अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया वह आज भी जारी है और यही उनके फैसलों में भी नजर आता है जिसमें आशीष पांडे लंबी पेशी देने की जगह तत्काल समस्या समाधान के लिए प्रयास करते हैं। इस केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ जब उन्होंने पूरे मामले को समझा और तत्काल निर्णय लिया। दोनों पक्षों को कानून की समझाइश दी गई और पिता पुत्र एक हो गए।

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ये है पूरा मामला...
दरअसल, पिता के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट कर अपने ही घर से पुत्र द्वारा बेदखल कर देने के एक मामले में एसडीएम सिहोरा आशीष पाण्डे ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर राजी खुशी से एक साथ रहने को सहमत करा दिया। इस मामले में एसडीएम आशीष पाण्डे की पुत्र को दी गई कानूनी कार्यवाही की चेतावनी और समझाइश का बड़ा असर पड़ा और उसने एसडीएम कोर्ट में ही पिता के पैर धोकर न केवल माफी मांगी बल्कि दोबारा ऐसी गलती न करने का वादा कर उन्हें अपने साथ घर लेकर भी गया।

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एसडीएम सिहोरा ने बताया कि हृदय नगर निवासी 80 वर्षीय आनंद गिरी ने उनके समक्ष लिखित में आवेदन प्रस्तुत कर पुत्र तामेश्वर गिरी एवं बहु सिलोचना द्वारा उसके साथ की जा रही ज्यादती की शिकायत की थी। वृद्ध आनंद गिरी ने शिकायत में बताया कि राज्य शासन द्वारा पट्टे पर दिये गये 750 वर्ग फुट के भूखण्ड पर बने उसके घर पर पुत्र द्वारा कब्जा कर लिया गया है। सेवा और परवरिश करने की बजाये उसके साथ मारपीट कर और गाली गलौज कर घर से बाहर निकाल दिया गया हैं। अब वह यहां वहां भटक रहा हैं। एक बार पुत्र ने गला दबाकर उसे जान से मारने की कोशिश भी की लेकिन सौभागयवश वह बच गया। वृद्ध आनंद गिरी ने बताया कि मकान हड़पने के लिये पुत्र और बहू द्वारा कभी भी उस पर हमला कर जान से मारा जा सकता हैं।

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वृद्ध आनंद गिरी ने एसडीएम को दिये आवेदन में बताया कि उसका पुत्र तामेश्वर उसकी पूरी जमीन बेच चुका है और अब उसकी नियत उसके घर को बेचकर पूरे पैसे हड़प जाने की है। आनंद गिरी ने आवेदन में कहा कि इस उम्र में अब वो कहीं नहीं जा सकता और वृद्धाश्रम में भी नहीं रहना चाहता, केवल अपने घर ही रहना चाहता है, इसलिये उसके घर का कब्जा उसे वापस दिलाया जाये।
एसडीएम सिहोरा ने बताया कि पिता और पुत्र के बीच आपसी विवाद के इस मामले में पुत्र तामेश्वर को नोटिस देकर आज बुलाया गया और उसे कानूनी कार्यवाही की चेतावनी देकर समझाईश भी दी गई। पाण्डे ने बताया कि समझाईश और चेतावनी के बाद पुत्र ने पिता से अपने व्यवहार के लिये उनके पैर धोकर माफी मांगी। साथ ही दोबारा ऐसा व्यवहार न करने और पिता की सेवा करने का वादा भी किया। सहृदय पिता ने पुत्र द्वारा माफी मांग लिये जाने पर कोर्ट से अपना आवेदन वापस ले लिया और आगे की कार्यवाही न करने का आग्रह करते हुये संतुष्ट होकर खुशी से पुत्र के साथ अपने घर चला गया।


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Content Writer

meena

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