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राज्य में अगले 48 घंटे भारी! कई जिलों में तेज बारिश मचाएगी तांडव, गरज-चमक और बिजली भी कड़केगी; मौसम विभाग ने की ताजा भविष्यवाणी

Friday, Aug 14, 2026-01:10 PM (IST)

रायपुरः छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश तथा एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम प्रणाली की मौजूदा स्थिति के मुताबिक पश्चिम बंगाल के तटीय इलाके और उससे लगे बांग्लादेश के ऊपर बना लो-प्रेशर एरिया डिप्रेशन में बदल गया है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में इसके गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना है। इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहने के साथ कुछ दौर में बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौजूदा मौसम परिस्थितियों में शियर जोन भी बारिश की गतिविधियों को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक है। शियर जोन वायुमंडल का वह क्षेत्र होता है, जहां अलग-अलग ऊंचाई पर बहने वाली हवाओं की दिशा अथवा रफ्तार में अंतर रहता है। निचले स्तर पर चल रही हवा की दिशा या गति ऊपरी स्तर की हवा से अलग होने पर वातावरण अस्थिर होता है, जिससे बादल बनने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में एक जून से 13 अगस्त तक कुल 668.8 मिमी (26.3 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश 734.4 मिमी (28.9 इंच) है। इस लिहाज से राज्य में अब तक सामान्य से 65.6 मिमी (2.6 इंच) कम वर्षा हुई है। बारिश में कमी का स्तर -9 प्रतिशत है। इसके बावजूद मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश की समग्र वर्षा सामान्य श्रेणी में बनी हुई है। जिलेवार आंकड़ों में नारायणपुर में सबसे अधिक 1043.9 मिमी (41.1 इंच) बारिश दर्ज की गई है। जिले की सामान्य बारिश 780.7 मिमी (30.7 इंच) है। इस प्रकार यहां सामान्य से 34 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 948.2 मिमी (37.3 इंच), बीजापुर में 870.6 मिमी (34.3 इंच), जांजगीर में 857.3 मिमी (33.8 इंच) और महासमुंद में 835.6 मिमी (32.9 इंच) वर्षा दर्ज की गई है। सामान्य वर्षा के मुकाबले सबसे अधिक बढ़ोतरी सारंगढ़-बिलाईगढ़ में दर्ज की गई है।

यहां सामान्य बारिश 598.2 मिमी (23.6 इंच) के मुकाबले 948.2 मिमी (37.3 इंच) वर्षा हुई है, जो सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक है। इसके बाद नारायणपुर में 34 प्रतिशत, मुंगेली में 32 प्रतिशत, बलौदाबाजार में 28 प्रतिशत, महासमुंद में 26 प्रतिशत और जांजगीर में 24 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉडर् की गई है। दूसरी ओर प्रदेश में बारिश की सबसे अधिक कमी सरगुजा जिले में दर्ज की गई है। यहां सामान्य बारिश 773.2 मिमी (30.4 इंच) के मुकाबले केवल 379.6 मिमी (14.9 इंच) वर्षा हुई है। इस तरह सरगुजा में सामान्य से 51 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

इसके बाद जशपुर में 45 प्रतिशत, बेमेतरा में 40 प्रतिशत, कांकेर में 35 प्रतिशत, सूरजपुर में 22 प्रतिशत तथा बस्तर और कबीरधाम में 21-21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। राजधानी रायपुर में 13 अगस्त तक 727.8 मिमी (28.7 इंच) बारिश दर्ज हुई है। इस अवधि की सामान्य बारिश 641.9 मिमी (25.3 इंच) है। इस तरह राजधानी में सामान्य से 85.9 मिमी (3.4 इंच) अधिक बारिश हुई है और वर्षा का स्तर सामान्य से 13 प्रतिशत ज्यादा है। प्रदेश के कुल 33 जिलों में से 20 जिले सामान्य बारिश की श्रेणी में हैं। छह जिलों में सामान्य से ज्यादा और सात जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। 


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Content Editor

Vandana Khosla

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