करोड़ों की जमीन बेचने के बाद बदली चाचा-भतीजे की नीयत! खरीदारों ने खोला मोर्चा, पुलिस से धोखाधड़ी की कार्रवाई की मांग
Saturday, Jun 27, 2026-03:26 PM (IST)
डिंडौरी (सुरेंद्रपाल सिंह): मध्यप्रदेश में से करोड़ों रुपये की जमीन का सौदा करने, पूरी रकम लेने और रजिस्ट्री कराने के बाद अब चाचा-भतीजे की बदलती नीयत का मामला सामने आया है। सुबखार स्थित बहुचर्चित भूमि विवाद में खरीदार पक्ष ने मोर्चा खोलते हुए कोतवाली थाना डिंडौरी में शिकायत दर्ज कराई है और विक्रेता पक्ष पर तथ्यों को छिपाकर न्यायालय को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
खरीदार अनिल खनूजा और बलवीर खनूजा ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि वर्ष 2022 में खसरा नंबर 104 रकबा 3.5450 हेक्टेयर भूमि का सौदा विक्रेता इंद्रपाल उर्फ बबलू सोनपाली और नंदलाल सोनपाली की सहमति से हुआ था। तहसील न्यायालय में शपथपत्र और सहमति प्रस्तुत करने के बाद ही नाम दर्ज कराया गया और जमीन को विवादमुक्त बताकर विक्रय प्रक्रिया पूरी की गई।
पूरी रकम ली, रजिस्ट्री कराई और कब्जा भी सौंपा
जमीन खरीददार पक्ष का आरोप है कि 26 अक्टूबर 2022 को विधिवत रजिस्ट्री कराई गई, पूरी कीमत का भुगतान किया गया और इसके बाद जमीन का कब्जा भी उन्हें सौंप दिया गया। पिछले लगभग चार वर्षों से वे भूमि पर काबिज हैं।

मोबाइल रिकॉर्डिंग से खुलेंगे राज!
खरीदारों ने दावा किया है कि उनके पास इंद्रपाल सोनपाली और नंदलाल सोनपाली के बीच हुई मोबाइल बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भूमि का विक्रय दोनों पक्षों की सहमति से हुआ था। पुलिस को यह रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

इश्तहार छपा, फिर भी नहीं दर्ज हुई कोई आपत्ति
अनिल खनूजा ने बताया कि रजिस्ट्री से करीब एक माह पहले दो स्थानीय समाचार पत्रों में भूमि विक्रय का सार्वजनिक इश्तहार प्रकाशित कराया गया था। इसके बावजूद विक्रेता परिवार के किसी भी सदस्य ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इतना ही नहीं, नामांतरण प्रक्रिया के दौरान भी परिवार की ओर से कोई विरोध सामने नहीं आया।

पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
खरीदारों ने कोतवाली पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को छिपाकर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।
कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने बताया कि दोनों पक्षों से प्राप्त दस्तावेज, विक्रय पत्र और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

