वंदेमातरम गाने वाले स्कूलों में हम अपने बच्चे नहीं भेजेंगे,ये इस्लाम के खिलाफ- इमाम मुफ्ती, हिंदु आचार्य बोले- ऐसे हरामखोर लोगों को पाकिस्तान भेजो
Saturday, Feb 14, 2026-08:48 PM (IST)
उज्जैन (विशाल ठाकुर): केंद्र सरकार द्वारा 28 जनवरी को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जारी नए दिशानिर्देशों पर विवाद गहराता जा रहा है। सरकार के निर्देश के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ बजाया जाएगा और इस दौरान सभी के लिए खड़े होना अनिवार्य होगा। लेकिन इस निर्देश को धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने कहा कि इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी अन्य की पूजा की अनुमति नहीं है।
मुसलमान एक खुदा के अलावा किसी और चीज की इबादत नहीं कर सकता-इमाम
दरअसल इसी मुद्दे पर उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इमाम मुफ्ती सैयद ने कहा कि वैसे न हरारा विरोध न राष्ट्र से है और न देश के किसी कानून से समस्या है, लेकिन वंदेमातरम में मातृभूमि की पूजा की बात की बात कही गई है जो एक मुसलमान के मजहब के खिलाफ है। मुसलमान एक खुदा के अलावा किसी और चीज की इबादत नहीं कर सकता । इसलिए हम इसका विरोध करते हैं।
वंदेमातरम गाने वाले स्कूलों में हम बच्चे भेजना बंद कर देंगे- इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर
उन्होंने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए कहा कि इस्लाम धर्म में अल्लाह के अलावा किसी अन्य की पूजा या इबादत की अनुमति नहीं है। उनका कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ के कुछ शब्द मुस्लिम समुदाय की आस्था से मेल नहीं खाते। इमाम ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर प्रशासन या हुकूमत इसको स्कूलों या कालेजों में अनिवार्य करेगी तो ऐसे स्कूलों में अपने बच्चे नहीं भेजेंगे। जहां इसे अनिवार्य किया जाएगा, वहां से मुस्लिम अभिभावक अपने बच्चों को निकालने पर विचार करें।
आचार्य अतुलेशानंद ने जताई कड़ी आपत्ति, बोले- ऐसे हरामखोर लोगों को पाकिस्तान जाना चाहिए

वहीं इमाम के इस बयान पर हिंदू पक्ष से आचार्य अतुलेशानंद ने कड़ी आपत्ति जताई है । उन्होंने कहा है इमाम को बताना चाहता हूं वंदेमातरम नहीं गाने वालों को इस देश में कोई जगह नही है। इस देश के हरामखोर लोग इस देश के सविंधान को नहीं मानते हैं। ऐसे लोगों को तत्काल अपना झोला उठाकर बांग्लादेश और पाकिस्तान चले जाना चाहिए। इस देश में एक ही कानून है जिसमें भारत माता का उच्च दर्जा है। शरिया यहां नहीं चलेगा इसलिए अपना बोरिया बिस्तर देश से समेट लें।

