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पटवारी से मारपीट करना भाजपा नेता को पड़ा भारी, 6 जिलों से एक साल के लिए जिला बदर

Thursday, Sep 10, 2026-01:46 PM (IST)

सरगुजा। पटवारी कार्यालय में घुसकर सरकारी कर्मचारी से मारपीट करने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सरगुजा जिले में पदस्थ पटवारी के साथ कथित मारपीट के मामले में भाजपा से जुड़े नेता जितेन्द्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर को जिला बदर कर दिया गया है। जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत ने आदेश जारी करते हुए आरोपी को एक वर्ष की अवधि के लिए सरगुजा समेत छह जिलों की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के आदेश के मुताबिक, जितेन्द्र कुजूर पर 10 सितंबर 2026 से अगले एक वर्ष तक सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर और सूरजपुर जिले की सीमाओं में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। यह कार्रवाई राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 5 के तहत की गई है।

एसपी की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई कार्रवाई

बताया गया कि सरगुजा पुलिस अधीक्षक की ओर से जितेन्द्र कुजूर के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई के लिए जिला दंडाधिकारी की अदालत में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। पुलिस ने उसे आदतन बदमाश बताते हुए राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 5 (क) और (ख) के तहत कार्रवाई की सिफारिश की थी। मामले में आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन और रिपोर्टकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद जिला दंडाधिकारी ने जिला बदर का आदेश पारित किया।

पटवारी कार्यालय में हुआ था विवाद

मामला 22 अप्रैल 2026 का बताया जा रहा है। आरोप है कि जितेन्द्र कुजूर दरिमा क्षेत्र के कंठी स्थित पटवारी कार्यालय पहुंचा था। वहां उसने पटवारी प्रकाश मंडल से आरआई अनिता राजवाड़े के बारे में जानकारी मांगी। पटवारी ने बताया कि आरआई लंच के लिए बाहर गई हैं। इसके बाद जितेन्द्र ने आरआई को फोन लगाने की बात कही। पटवारी ने कार्यालय की दीवार पर नंबर लिखे होने की जानकारी देते हुए कहा कि वह स्वयं फोन कर सकते हैं।

इसी बात को लेकर विवाद बढ़ने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, जितेन्द्र ने पटवारी के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे कार्यालय के ऑपरेटर के साथ भी मारपीट की गई। बताया गया कि पटवारी खुद को बचाने के लिए बाहर निकले, लेकिन आरोपी ने वहां भी उनका पीछा किया और कथित तौर पर लात व डंडे से हमला किया। बाद में पटवारी किसी तरह अपने कमरे में पहुंचे और दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई।

एफआईआर और गिरफ्तारी के बाद अब जिला बदर

घटना के बाद दरिमा पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जितेन्द्र कुजूर को गिरफ्तार भी किया था। अब प्रशासन ने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी चर्चा

जितेन्द्र कुजूर की पहचान फिटनेस ट्रेनर के रूप में भी बताई जाती है। सोशल मीडिया पर उसके कुछ ऐसे वीडियो और फोटो सामने आए हैं, जिनमें वह हथियारों के साथ नजर आता है। इसके अलावा उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर भाजपा के कई नेताओं के साथ तस्वीरें और वीडियो भी पोस्ट किए गए हैं।

बताया गया कि जितेन्द्र कुजूर पहले दरिमा भाजपा मंडल के एसटी मोर्चा अध्यक्ष के पद पर रह चुका है। हालांकि, जिला बदर की कार्रवाई के बाद भाजपा की स्थानीय इकाई की ओर से उसे पद से हटाने को लेकर कोई सार्वजनिक बयान या पत्र सामने नहीं आया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों में सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।


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Content Editor

Himansh sharma

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