Punjab Kesari MP ads

MP के 86 गांवों में बड़ा फैसला! अब शादी में नहीं बजेगा DJ, जयमाला भी बैन

Wednesday, Apr 15, 2026-03:30 PM (IST)

पांढुर्ना: मध्य प्रदेश के पांढुर्ना जिले से एक अनोखी और बड़ी सामाजिक पहल सामने आई है। यहां 86 गांवों के लोगों ने मिलकर शादियों से जुड़ी कुछ प्रचलित परंपराओं को पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया है। अब इन गांवों में न तो शादी में डीजे बजेगा और न ही जयमाला का कार्यक्रम होगा।

यह निर्णय मोहगांव जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम मुंगवानी में आयोजित एक बड़ी सामाजिक बैठक में लिया गया। बैठक में 38 पंचायतों के 86 गांवों से पहुंचे सामाजिक बंधु, पंच, सरपंच और कोटवारों ने सर्वसम्मति से इस पर मुहर लगाई।

क्यों लिया गया ये फैसला?

बैठक में आदिवासी समाज के जन्म, विवाह और मरण संस्कारों पर विस्तार से चर्चा हुई। समाज के वरिष्ठ लोगों का कहना था कि समय के साथ कई ऐसी कुरीतियां जुड़ गई हैं, जो उनकी पारंपरिक संस्कृति को कमजोर कर रही हैं। इन्हीं कुरीतियों को खत्म करने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।

 विवाह में क्या-क्या बदलेगा?

शादी में टेंट, डीजे और जयमाला पूरी तरह बंद ,दहेज पर सख्ती—सिर्फ लड़की के परिवार की ओर से ही सामान दिया जा सकेगा, नियम तोड़ने पर जुर्माने का प्रावधान..

जन्म संस्कार में नए नियम

बच्चे के जन्म के 7 दिन के अंदर छठी और नामकरण संस्कार,12वें दिन बारसा कार्यक्रम, बारसा में केवल बच्चे के कपड़े ही लाने की अनुमति, डलिया प्रथा पूरी तरह खत्म।

मरण संस्कार में बदलाव

अग्नि संस्कार की जगह मिट्टी देने की परंपरा को बढ़ावा

दशगात्र में 3 नारियल देने का नियम

शराबबंदी पर भी सख्ती

बैठक में समाज के लोगों ने शराब के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई और इसे रोकने के लिए सख्त सामाजिक नियम लागू करने पर जोर दिया।

क्या है संदेश?

समाज के लोगों का मानना है कि अगर अपनी पारंपरिक जीवनशैली और रीति-रिवाजों को अपनाया जाए, तभी संस्कृति को बचाया जा सकता है। यही वजह है कि आधुनिक दिखावे और खर्चीली परंपराओं को छोड़कर अब सादगी की ओर लौटने की कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर, यह फैसला न सिर्फ परंपराओं को बचाने की पहल है, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News