सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीनाक्षी नटराजन का बड़ा बयान, अब कह दी ये बड़ी बात
Friday, Jun 12, 2026-03:01 PM (IST)
भोपाल: मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेता और राज्यसभा की पूर्व उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन से जुड़े नामांकन रद्द मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में दखल देने से साफ इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह मामला सीधे हस्तक्षेप योग्य नहीं है और इसके लिए याचिकाकर्ता को चुनाव याचिका के माध्यम से संबंधित उच्च न्यायालय का रुख करना चाहिए।
नामांकन रद्द होने का मामला क्या था?
जानकारी के अनुसार, Meenakshi Natarajan का राज्यसभा नामांकन इस आधार पर रद्द कर दिया गया था कि कथित रूप से तेलंगाना से जुड़े एक पुराने मामले की जानकारी नामांकन पत्र में पूर्ण रूप से घोषित नहीं की गई थी। इसी कारण निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन अमान्य घोषित कर दिया। नामांकन रद्द होने के चलते वे चुनाव प्रक्रिया में आगे भाग नहीं ले सकीं और बिना चुनाव लड़े ही मामला समाप्त हो गया। इसके बाद उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस प्रकार के विवादों का निपटारा चुनाव याचिका (Election Petition) के माध्यम से ही उच्च न्यायालय में किया जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस चरण पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
मीनाक्षी नटराजन की प्रतिक्रिया
अदालत के फैसले के बाद मीनाक्षी नटराजन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस निर्णय से कोई निराशा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कोई व्यक्तिगत झटका नहीं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा विषय है, जो अब और स्पष्ट रूप से सामने आ गया है।
उन्होंने कहा कि वह न्यायालय के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी, लेकिन उनका मानना है कि पूरा मामला गंभीर है और आगे कानूनी रास्ते अपनाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठते हैं और पार्टी स्तर पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी दलीलें कमजोर नहीं थीं, लेकिन अदालत ने इसे चुनाव याचिका का विषय माना। मीनाक्षी नटराजन ने आगे कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और यह लड़ाई आगे जारी रहेगी। मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि पहले वोट चोरी होता था अब सीट चोरी हुई है।
राजनीतिक हलचल तेज
इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी इस घटनाक्रम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर देख रही है, जबकि कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अब यह मामला उच्च न्यायालय में ही आगे बढ़ेगा।

