MP में बारिश का डबल अटैक! कई जिलों में भारी वर्षा, IMD ने दी बड़ी चेतावनी
Wednesday, Jul 22, 2026-03:59 PM (IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरे शबाब पर है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान 35 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में मौसम सुहावना हो गया, जबकि कुछ स्थानों पर जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति भी बनी।
सबसे अधिक वर्षा नर्मदापुरम में दर्ज की गई, जहां करीब 4.2 इंच पानी बरसा। इसके अलावा नरसिंहपुर में 2.5 इंच, राजगढ़ में 2.4 इंच, सीहोर और मलाजखंड में 2.2 इंच, भोपाल में 2.1 इंच, पचमढ़ी और मंडला में 1.8 इंच, श्योपुर में 1.5 इंच, सिवनी में 1.3 इंच तथा खरगोन में 1.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश का असर सिर्फ इन जिलों तक सीमित नहीं रहा। उमरिया, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, टीकमगढ़, खंडवा, छतरपुर, सतना, बैतूल, दमोह, जबलपुर, इंदौर, रतलाम, दतिया, उज्जैन, धार, सीधी, ग्वालियर, सागर, शाजापुर, विदिशा, देवास, आगर-मालवा, बड़वानी और बुरहानपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया। राजधानी भोपाल में भी रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण मानसून प्रणाली मजबूत बनी हुई है। इसी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटे तक भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, नदी-नालों से दूरी बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जहां किसानों के चेहरों पर खुशी है, वहीं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशासन ने संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

